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Punjab farmers protest on India US trade deal: भारत और यूएस के बीच ट्रेड डील अभी फाइनल हुई भी नहीं है कि पंजाब के किसानों ने एक बार फिर आंदोलन का अस्त्र अपने तरकश से बाहर निकाल लिया है. कई किसान नेताओं ने दोनों मुल्कों के बीच होने जा रही ट्रेड डील को किसान विरोधी करार देते हुए इसके खिलाफ विरोध प्रदर्शन शुरू करने का ऐलान किया है. योजना के तहत कई किसान संगठन गुरुवार को चंडीगढ़ में पंजाब के सीएम भगवंत मान के सामने धरना देंगे. साथ ही राज्य के कई मंत्रियों और विधायकों के खिलाफ भी विरोध- प्रदर्शन की योजना बनाई गई है.

NDA सरकार ने किसानों की पीठ में छुरा घोंपा

किसान नेता सरवन सिंह पंधेर ने आरोप लगाया कि एनडीए सरकार ने एक बार फिर किसानों की पीठ में छुरा घोंपा है. इस सरकार ने न्यूजीलैंड के साथ समझौते में सेब पर टैरिफ कम कर दिए. इसके साथ ही यूरोपीय संघ के साथ सेब पर शून्य टैरिफ वाला एग्रीमेंट कर लिया है. अब ऐसी ही डील अमेरिका के साथ करने की तैयारी हो रही है. अमेरिकी के कृषि मंत्री कह रहे हैं कि वहां के कृषि उत्पाद अब भारत में जीरो टैरिफ पर बेचे जाएंगे. 

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जनता के सामने सच्चाई नहीं रख रही सरकार

पंधेर ने कहा कि सरकार यूएस के साथ होने वाले समझौते की पूरी सच्चाई जनता के सामने नहीं रख रही. देश को अमेरिका ने लूट लिया है. फिर भी इस समझौते को बढ़िया बताया जा रहा है. इसकी वजह जनता की समझ से परे है. उन्होंने कहा कि यह किसानों के लिए करो या मरो जैसी स्थिति है. इस समझौते के विरोध में सभी किसानों को अपने घरों से बाहर निकलना चाहिए. 

समझौते के खिलाफ आवाज उठाएं सरकार- डल्लेवाल

किसान नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल ने भी इस समझौते को लेकर भारत सरकार पर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि पीएम मोदी को क्लियर करना चाहिए कि वे अमेरिकी किसानों से मुकाबले के लिए देश के किसानों को कितनी सब्सिडी दे रहे हैं. डल्लेवाल ने कहा कि सभी किसान इसके खिलाफ आवाज उठाएं और बड़ा आंदोलन शुरू करें. जिससे पीएम मोदी इस समझौते से पीछे हट सकें. 

उन्होंने सीएम भगवंत मान पर भी निशाना साधा और कहा कि यूएस-भारत के बीच हो रहे इस समझौते पर AAP कुछ बोल क्यों नहीं रही. डल्लेवाल ने कहा कि सीएम मान को इस मुद्दे पर असेंबली का स्पेशल सेशन बुलाकर प्रस्ताव पास करना चाहिए. ऐसा न होने तक मान सरकार के खिलाफ आंदोलन चलता रहेगा. 

देश के किसानों के लिए कोई खतरा नहीं- सरकार

उधर सरकार का कहना है कि देश के किसानों के लिए कोई खतरा नहीं है. केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि यूरोपीय संघ और अमेरिका के साथ होने वाले समझौते में कृषि और डेयरी क्षेत्र को बाहर रखा गया है. उन्होंने जोर देकर कहा कि भारत अपने व्यापार समझौतों में एग्री और डेयरी सेक्टर के साथ कोई समझौता नहीं करेगा. 

वहीं कई रिपोर्टों में कहा गया है कि सरकार ने ईयू के बाद अब यूएस से चुनिंदा कृषि उत्पादों के लिए बाजार पहुंच की पेशकश की है. हालांकि सोयाबीन और डेयरी जैसे क्षेत्रों को खोलने पर साफ इनकार कर दिया है. जिससे इन देशों के कृषि उत्पाद भारत में एंट्री नहीं कर सकेंगे.