
हाल ही में इजरायल ने सोमालीलैंड को देश के रूप में मान्यता दी है. इसके बाद कई अन्य देशों ने भी सोमालीलैंड को मान्यता देते हुए इजरायल का समर्थन किया. हालांकि, कुछ देश ऐसे भी हैं जिन्होंने इजरायल के इस फैसले से इनकार किया है. इस सिलसिले में भारत को लेकर एक झूठी खबर फैलाई जा रही थी, जिसका भारतीय विदेश मंत्रालय ने खंडन किया और लोगों से अलर्ट रहने की अपील की. इनसाइड अफ्रीका नाम के एक एक न्यूज वेबसाइट ने खबर फैलाई कि भारत भी सोमालीलैंड को एक देश के रूप में मान्यता दे सकता है.
इस पर भारत के विदेश मंत्रालय की ओर से इससे इनकार करते हुए लिखा गया, ‘यह पोस्ट गुमराह करने वाली है. कृपया सावधान रहें!’ इनसाइड अफ्रीका ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, ‘भारत सोमालीलैंड को मान्यता देने वाला अगला संभावित देश बन सकता है. पश्चिमी हिंद महासागर में रणनीतिक असर और चीन का मुकाबला करने के लिए, भारत सोमालीलैंड के बरबेरा पोर्ट और इथियोपिया तक पहुंच को महत्व देता है, जिसे भारतीय पॉलिसी स्ट्रेटजिस्ट लंबे समय से प्राथमिकता देते रहे हैं.’
सोमालीलैंड में अरबी और अंग्रेजी बोली जाती है
बता दें कि सोमालीलैंड सोमालिया से अलग होकर 1991 में ही एक स्वतंत्र देश के रूप में खुद को स्थापित कर लिया. इसकी आबादी 62 लाख है और यहां सोमाली, अरबी और अंग्रेजी बोली जाती है. 1991 में पूर्व तानाशाह जनरल सियाद बर्रे के खिलाफ जंग के बाद सोमालीलैंड को अपना स्वतंत्र अस्तित्व मिला. चूंकि देश के रूप में इजरायल ने सबसे पहले इसे मान्यता दे दी है, अब धीरे-धीरे और भी देश आगे आएंगे और सोमालीलैंड को एक देश के रूप में मान्यता दे सकते हैं. करीब 34 सालों के बाद पहली बार किसी देश को मान्यता दी गई है.
इजरायल के इस फैसले से मुस्लिम देशों में नाराजगी
हालांकि, इजरायल के इस फैसले से मुस्लिम देशों में काफी नाराजगी है. तभी तो पाकिस्तान, जॉर्डन, मिस्र, अल्जीरिया, कोमोरोस, जिबूती, गाम्बिया, ईरान, इराक, कुवैत, लीबिया, मालदीव, नाइजीरिया, ओमान, फिलिस्तीन, कतर, सऊदी अरब, सोमालिया, सूडान, तुर्किये, यमन और ओआईसी के विदेश मंत्रियों ने संयुक्त बयान जारी कर इजरायल की मान्यता को नकार दिया.
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