भारत ने रविवार को पाकिस्तान द्वारा लगाए गए उन आरोपों को पूरी तरह खारिज कर दिया है, जिनमें पाकिस्तान ने बलूचिस्तान में शांति भंग करने की कोशिशों में भारत की भूमिका होने की बात कही गई थी. भारत ने साफ कहा कि यह इस्लामाबाद की अपनी आंतरिक विफलताओं और घरेलू समस्याओं से ध्यान हटाने की एक पुरानी और घिसी-पिटी रणनीति है. विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने बयान जारी कर कहा कि पाकिस्तान बार-बार इस तरह के निराधार आरोप लगाकर अंतरराष्ट्रीय समुदाय को गुमराह करने की कोशिश करता रहा है.
रणधीर जायसवाल ने कहा कि वास्तविकता यह है कि बलूचिस्तान में हालात पाकिस्तान की नीतियों का नतीजा हैं. जायसवाल ने पाकिस्तान के दमन, क्रूरता और मानवाधिकार उल्लंघनों के लंबे रिकॉर्ड की ओर इशारा करते हुए कहा कि बलूचिस्तान और अन्य इलाकों में लोगों के साथ हो रहे अत्याचारों पर जवाबदेही से बचने के लिए ऐसे आरोप लगाए जाते हैं. भारत ने दोहराया कि वह पड़ोसी देशों के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप नहीं करता और क्षेत्र में शांति व स्थिरता का समर्थन करता है.
अंतर्राष्ट्रीय समुदाय का ध्यान न भटकाए पाकिस्तान
विदेश मंत्रालय ने पाकिस्तान पर कड़ा रुख अपनाते हुए कहा है कि हर बार किसी हिंसक घटना के बाद बेबुनियाद आरोप दोहराने के बजाय उसे अपने ही देश और इस क्षेत्र में रहने वाले लोगों की लंबे समय से चली आ रही वैध मांगों पर ध्यान देना चाहिए. विदेश मंत्रालय ने आगे कहा कि पाकिस्तान का दमन, क्रूरता और मानवाधिकार उल्लंघनों का रिकॉर्ड किसी से छिपा नहीं है और अंतरराष्ट्रीय समुदाय इससे भली-भांति परिचित है. भारत ने दोहराया कि पाकिस्तान को अपनी आंतरिक नीतियों और जमीनी हकीकतों पर आत्ममंथन करने की जरूरत है, न कि झूठे दावों के जरिए ध्यान भटकाने की.
आतंकविरोधी अभियान में पाकिस्तान के 15 जवान मारे गए
पाकिस्तानी सेना ने जानकारी दी है कि बलूचिस्तान प्रांत में चलाए गए कई आतंकवाद विरोधी अभियानों के दौरान कम से कम 15 पाकिस्तानी सैनिक मारे जा चुके हैं, जबकि 92 आतंकवादी मारे गए. सेना की ओर से जारी बयान में कहा गया कि ये अभियान शनिवार को शुरू किए गए, जब जातीय बलूच समूहों से जुड़े आतंकवादियों ने प्रांत के विभिन्न इलाकों में एक साथ कई हमले किए. रणधीर जायसवाल ने आगे कहा, आतंकवादियों ने क्वेटा, मस्तुंग, नुश्की, दलबांदिन, खारान और पंजगुर तथा उसके आसपास के क्षेत्रों में आतंकवादी गतिविधियों को अंजाम देकर कानून-व्यवस्था और शांति को बिगाड़ने की कोशिश की. इसके जवाब में सुरक्षा बलों ने त्वरित और प्रभावी कार्रवाई करते हुए व्यापक स्तर पर आतंकवाद विरोधी ऑपरेशन चलाए.
बलूच में शांति बनाए रखने के लिए ये कार्रवाई जारी रहेगी
पाकिस्तानी सेना ने कहा कि अभियानों के दौरान आतंकियों के कई ठिकानों को नष्ट किया गया और बड़ी संख्या में हथियार व गोला-बारूद भी बरामद किया गया. सेना ने दोहराया कि बलूचिस्तान में शांति और स्थिरता बनाए रखने के लिए आतंकवाद के खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी. पाकिस्तान के दक्षिण-पश्चिमी प्रांत बलूचिस्तान में शनिवार को कई शहरों में आतंकियों और सुरक्षा बलों के बीच भीषण मुठभेड़ हुई. इसमें चार सुरक्षा अधिकारियों के अनुसार, इन झड़पों में कम से कम 67 आतंकवादी मारे गए.
पाक ऑर्मी की मीडिया विंग ने बोलने से किया इनकार
अधिकारियों ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि यह हमले सुनियोजित थे, जिनमें करीब 10 पुलिसकर्मी और सुरक्षाबल के जवानों के साथ-साथ 11 आम नागरिकों की भी जान चली गई. इसके अलावा 24 पुलिस अधिकारी घायल हो गए. सेना के मीडिया विंग ने इस मामले पर टिप्पणी के अनुरोध पर तत्काल कोई प्रतिक्रिया नहीं दी. वहीं, पाकिस्तान के गृह मंत्री मोहसिन नकवी ने एक बयान जारी कर इन हमलों की कड़ी निंदा की और आतंकियों को नाकाम करने में सुरक्षा बलों की कार्रवाई की सराहना की. उन्होंने कहा कि सुरक्षा बलों ने साहसिक अभियान चलाकर दर्जनों आतंकवादियों को मार गिराया.
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