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India’s reply to US on trade deal: भारत ने अमेरिका के वाणिज्य मंत्री हॉवर्ड लटनिक के उस बयान को खारिज कर दिया है. जिसमें उन्होंने कहा था कि PM मोदी के फोन न करने की वजह से भारत और अमेरिका के बीच व्यापार समझौता नहीं हो पाया. भारत ने नाराजगी जाहिर करते हुए साफ कहा कि इस तरह से बातचीत को पेश करना “तथ्यों के अनुरूप नहीं है.”

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने आज शुक्रवार को कहा, ‘हमने अमेरिका के वाणिज्य मंत्री की टिप्पणियां देखी हैं. वे सही तथ्यों के अनुरूप नहीं हैं. भारत और अमेरिका पिछले साल से द्विपक्षीय व्यापार समझौते पर बातचीत कर रहे हैं. तब से दोनों देशों के बीच कई दौर की बातचीत हो चुकी है. जिससे दोनों पक्षों के लिए फायदेमंद समझौता किया जा सके.’

‘अमेरिकी वाणिज्य मंत्री के बयान में सही तथ्य नहीं’

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विदेश मंत्रालय ने आगे कहा, ‘कई मौकों पर हम समझौते के काफी करीब भी पहुंचे हैं. लेकिन इन चर्चाओं को अमेरिकी वाणिज्य मंत्री के बयान में जिस तरह पेश किया गया है, वह सही नहीं है.” मंत्रालय ने दोहराया कि भारत अब भी इस समझौते को लेकर पूरी तरह गंभीर है. MEA ने कहा, हम दोनों देशों की पूरक अर्थव्यवस्थाओं के बीच एक पारस्परिक रूप से लाभकारी व्यापार समझौते में रुचि रखते हैं. साथ ही इसे जल्द से जल्द अंतिम रूप देने की उम्मीद करते हैं.’

भारत ने यह भी स्पष्ट किया कि शीर्ष स्तर पर राजनीतिक संवाद की कोई कमी नहीं रही है. विदेश मंत्रालय ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप 2025 के दौरान आठ बार फोन पर बातचीत कर चुके हैं. इन बातचीतों में भारत-अमेरिका साझेदारी से जुड़े कई अहम मुद्दों पर चर्चा हुई है.

डील के लिए असहज था भारत- हॉवर्ड लटनिक

बताते चलें कि भारतीय विदेश मंत्रालय का यह बयान अमेरिका के वाणिज्य मंत्री हॉवर्ड लटनिक के एक पॉडकास्ट में दिए गए इंटरव्यू के बाद आया. गुरुवार को दिए उस इंटरव्यू में लटनिक ने दावा किया था कि भारत के साथ व्यापार समझौता इसलिए नहीं हो पाया क्योंकि प्रधानमंत्री मोदी ने राष्ट्रपति ट्रंप को कॉल नहीं किया. उन्होंने यह भी कहा कि उन्होंने खुद पीएम मोदी से ट्रंप से बात करने को कहा था, लेकिन भारत इस मामले में ‘असहज’ था.

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लटनिक ने दावा किया कि उस वक्त भारत समझौता करने के लिए तैयार नहीं था. इसके बाद अमेरिका ने इंडोनेशिया, फिलीपींस और वियतनाम के साथ व्यापार समझौते कर लिए. लटनिक के मुताबिक, अमेरिका को लगा था कि भारत के साथ डील पहले हो जाएगी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ.

व्यापार समझौते के लिए जारी है बातचीत- भारत

उन्होंने कहा, ‘हमने इंडोनेशिया, फिलीपींस और वियतनाम के साथ समझौते कर लिए और कई डील की घोषणा कर दी. इसके बाद जब भारत ने कहा कि अब हम तैयार हैं, तो मैंने पूछा – किस बात के लिए तैयार?’

गौरतलब है कि भारत और अमेरिका अब तक प्रस्तावित द्विपक्षीय व्यापार समझौते को लेकर छह दौर की बातचीत कर चुके हैं. इन वार्ताओं में अमेरिका की ओर से भारतीय उत्पादों पर लगाए गए 50 प्रतिशत तक के टैरिफ जैसे मुद्दों पर भी चर्चा हुई है. भारत का कहना है कि बातचीत अभी भी जारी है और दोनों देश एक निष्पक्ष और संतुलित समझौते की ओर बढ़ रहे हैं.