Asaduddin Owaisi: एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने देश की युवा आबादी के लिए रोजगार और कौशल विकास के अवसर पैदा करने को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तीखा हमला किया है. शुक्रवार को निजामाबाद में एक जनसभा को संबोधित करते हुए ओवैसी ने सरकार पर ठोस योजना के अभाव का आरोप लगाया.
ओवैसी ने कहा कि वह हाल ही में राज्यसभा में प्रधानमंत्री मोदी का भाषण सुन रहे थे, जिसमें उन्होंने वैश्विक स्तर पर बढ़ती उम्र की आबादी के बीच भारत की युवा जनसंख्या को देश की बड़ी ताकत बताया था. इस पर सवाल उठाते हुए ओवैसी ने कहा कि अगर देश की 60 प्रतिशत आबादी 40 साल से कम उम्र की है, तो सरकार ने इन युवाओं को कौन-कौन से कौशल सिखाए और उनके लिए कौन से रोजगार के अवसर पैदा किए?
ओवैसी ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) प्रमुख मोहन भागवत पर भी निशाना साधते हुए जनसंख्या को लेकर उनके बयानों में असंगतता का आरोप लगाया. ओवैसी ने कहा कि पहले जनसंख्या नियंत्रण कानून की बात की गई और अब नागरिकों से अधिक बच्चे पैदा करने की सलाह दी जा रही है. उन्होंने दावा किया कि अब यह समझ आने लगा है कि भविष्य में देश की आबादी बूढ़ी होने से क्या प्रभाव पड़ सकता है.
ओवैसी ने RSS प्रमुख की किताब का दिया हवाला
ओवैसी ने आरएसएस के पूर्व प्रमुख एम.एस. गोलवलकर की एक पुस्तक का हवाला देते हुए ऐतिहासिक घटनाओं पर भी टिप्पणी की और बदले की राजनीति के बजाय बदलाव पर जोर दिया. ओवैसी ने कहा कि गोलवलकर ने एक पत्रिका में लिखा था कि सोमनाथ मंदिर की लूट में हिंदू राजा शामिल थे. राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार कहते हैं कि हमें उस तारीख का बदला लेना चाहिए, रावण की क्रूरता का बदला कौन लेगा, महाभारत काल में कौरवों के कुकर्मों का बदला कौन लेगा? दिल्ली में सिखों के खून-खराबे का बदला कौन लेगा? देश में करोड़ों बच्चे भूखे सोते हैं, इसका बदला कौन लेगा? बदला छोड़ो, पहले बदलाव लाओ.
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बता दें ओवैसी का ये बयान ऐसे समय आया है जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस सप्ताह की शुरुआत में राज्यसभा में अपने संबोधन में भारत की युवा आबादी को देश की सबसे बड़ी पूंजी बताते हुए कहा था कि कई विकसित देशों की तुलना में भारत की जनसांख्यिकीय संरचना विकास के लिए बड़ा अवसर प्रदान करती है.
