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असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा की एक विवादित स्पीच और सोशल मीडिया पोस्ट को लेकर सुप्रीम कोर्ट में दाखिल याचिका पर सोमवार को सुनवाई हुई. इस दौरान सुप्रीम कोर्ट ने याचिकाकर्ताओं को को जोरदार झटका दिया है. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि आप पहले हाई कोर्ट क्यों नहीं जाते हैं? इस मामले की सुनवाई करते हुए न मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने इस मामले पर सख्त टिप्पणी करते हुए कहा कि हाई कोर्ट में जाने में आखिर क्या दिक्कत है? उन्होंने कहा कि देश के हाईकोर्ट में सक्षम जज और अनुभवी वकील मौजूद हैं, जो ऐसे मामलों की सुनवाई कर सकते हैं.

सोशल मीडिया पर हाल ही में एक वीडियो तेजी से वायरल हुआ, जिसमें असम के मुख्यमंत्री को कथित तौर पर एक खास समुदाय के लोगों पर राइफल से निशाना साधते और फायरिंग करते हुए दिखाया गया. वीडियो के सामने आने के बाद मामला कोर्ट तक पहुंच गया और इस पर कानूनी बहस शुरू हो गई. सोमवार (16 फरवरी) को इस मामले की सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट की बेंच, जिसमें चीफ जस्टिस सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस विपुल एम. पंचोली शामिल थे, ने याचिकाकर्ताओं को पहले गुवाहाटी हाई कोर्ट का रुख करने की सलाह दी. 

अब ये एक ट्रेंड बनता जा रहा हैः सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने यह भी टिप्पणी की कि चुनाव से पहले इस तरह के विवाद और शिकायतें अक्सर सामने आने लगती हैं. अदालत ने कहा कि यह एक तरह का ट्रेंड बनता जा रहा है, जहां चुनावी माहौल बनने से पहले ही आरोप-प्रत्यारोप और कानूनी विवाद शुरू हो जाते हैं. असम में होने वाले आगामी विधानसभा चुनावों का जिक्र करते हुए कोर्ट ने कहा कि मौजूदा समय में चुनाव केवल मतदान के दौरान ही नहीं लड़े जाते, बल्कि उससे पहले भी राजनीतिक और कानूनी स्तर पर मुकाबला शुरू हो जाता है. ऐसे मामलों में तथ्यों की सही जांच और उचित कानूनी प्रक्रिया का पालन बेहद जरूरी होता है.

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कांग्रेस ने उठाया था हिमंत बिस्वा सरमा के वीडियो का मुद्दा
8 जनवरी को कांग्रेस और असम बीजेपी के बीच सोशल मीडिया पर एक वीडियो को लेकर तब सियासी विवाद खड़ा हो गया, जब कांग्रेस ने इस बात का आरोप लगाया कि असम बीजेपी के आधिकारिक X हैंडल से एक वीडियो पोस्ट किया गया, जिसमें असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा कथित तौर पर मुसलमानों को गोली मारते हुए दिखाई दे रहे हैं. कांग्रेस का कहना है कि यह वीडियो अल्पसंख्यक समुदाय के खिलाफ हिंसा को बढ़ावा देने जैसा है. कांग्रेस प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत ने अपने X हैंडल पर इस वीडियो को साझा करते हुए बीजेपी पर गंभीर सवाल उठाए थे. 

क्या था वायरल वीडियो में?
वीडियो में ऐसा दिख रहा था कि मुख्यमंत्री सरमा राइफल से निशाना साधते हुए दो लोगों पर गोली चला रहे हैं. वीडियो में निशाने पर दिख रहे लोगों में से एक ने टोपी पहन रखी थी, जबकि दूसरे व्यक्ति की दाढ़ी दिखाई दे रही थी. वीडियो के साथ ‘पॉइंट-ब्लैंक शॉट’ लिखा हुआ कैप्शन भी नजर आ रहा था. कांग्रेस का दावा है कि विवाद बढ़ने के बाद यह वीडियो असम बीजेपी के X हैंडल से हटा दिया गया. हालांकि, इस मामले को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है और इसे लेकर दोनों दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है.

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