
Bengal CM Mamata Banerjee Meets ECI: पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी ने आज स्पेशल इंटेसिव रिवीजन के मुद्द पर दिल्ली कूच किया. नई दिल्ली मे सीएम ममता बनर्जी ने चुनाव आयोग के शीर्ष तीन अधिकारियों से मुलाकात की. बताया जा रहा है कि ये मुलाकात करीब 1.30 घंटे चली. इसके बाद ममता बनर्जी ने सीधे तौर पर चेतावनी देते हुए कहा कि मैं दिल्ली में लाखों लोगों को ला सकती हूं यहां पर परेड भी करा सकती हूं.
चुनाव आयोग के बाहर मीडिया को संबोधित करते हुए सीएम ममता ने EC पर आरोप लगाते हुए कहा कि वे कहते हैं कि उन्होंने जो कुछ भी किया है, वह सही है. उन्होंने किसी भी बाहरी कैमरामैन को अंदर नहीं आने दिया. वे BJP के इशारे पर काम कर रहे हैं. सीएम ममता का दावा है कि बंगाल की वोटर लिस्ट से दो करोड़ लोगों के नाम काट दिए गए हैं.
‘हम दुखी और परेशान हैं’
एआईआर के मुद्दे पर मुख्य चुनाव आयुक्त से मुलाकत के बाद सीएम ममता ने कहा कि हम दुखी और परेशान हैं. मैं कई सालों से राजनीति कर रही हूं. मैं चार बार मंत्री और सात बार सांसद रही हूं, लेकिन मैंने इस चुनाव आयोग जैसा घमंडी और बेईमान चुनाव आयोग कभी नहीं देखा. सीएम ने कहा कि हमने उनसे कहा कि हम संस्था का सम्मान करते हैं क्योंकि कोई भी कुर्सी किसी के लिए स्थायी नहीं होती, लेकिन उन्हें ऐसा खतरनाक उदाहरण नहीं बनाना चाहिए. सिर्फ बंगाल को ही क्यों निशाना बनाया जा रहा है?
उन्होंने कहा कि चुनाव लोकतंत्र का त्योहार होते हैं. लेकिन आपने क्या किया? आपने पहले हजारों लोगों को बाहर कर दिया और उन्हें अपना बचाव करने का मौका भी नहीं दिया. AI के नाम पर फैसले लिए जा रहे हैं, हत्या जैसे गंभीर अपराधों के मामलों में भी, अगर किसी को वकील नहीं मिलता है, तो न्यायपालिका बचाव का अधिकार सुनिश्चित करती है. अगर कोई व्यक्ति कहता है, ‘मैं अपना बचाव करना चाहता हूं,’ तो उस अधिकार की रक्षा की जाती है. लेकिन यहां, आपने 58 लाख लोगों को एक ही बार में बिना यह पूछे हटा दिया कि वे कौन थे या क्या हुआ था.
चुनाव से पहले SIR क्यों?
वहीं, सीएम ममता ने चुनाव आयोग से पूछा कि आपने चुनाव से ठीक तीन महीने पहले SIR क्यों करवाया? दूसरा, अगर आप SIR करवाना ही चाहते थे, तो आपको चुनाव वाले चार राज्यों को इससे बाहर रखना चाहिए था. आप बाद में इसे स्टेप बाय स्टेप प्लान करके लागू कर सकते थे, लेकिन आपने ऐसा नहीं किया. असम में BJP की सरकार है, फिर भी आपने वहां SIR नहीं करवाया. आपने नॉर्थ-ईस्ट में भी इसे लागू नहीं किया. इसके बजाय, आपने पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु और केरल में SIR लागू किया. इसमें गंभीर गड़बड़ियां और गलत मैपिंग की समस्याएं हैं.
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15 लोगों का प्रतिनिधिमंडल पहुंचा चुनाव आयोग
टीएमसी के बयान के अनुसार, इस मुद्दे को लेकर एक 15 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल चुनाव आयोग के मुख्यालय गया था. इस प्रतिनिधि मंडल में सीएम ममता बनर्जी, टीएमसी के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी, पार्टी सांसद कल्याण बनर्जी और SIR से प्रभावित 12 परिवार के सदस्य शामिल थे. बताया जा रहा है कि सीएम ममता के साथ जो लोग चुनाव आयोग पहुंचे थे, उनमें ऐसे पांच लोग थे, जिनको मृत घोषित कर दिया गया है और वोटर लिस्ट से उनका नाम काट दिया गया है. इतना ही नहीं इस ग्रुप में पांच ऐसे परिवार के सदस्य थे, जिनकी एसआईआर का नोटिस मिलने के बाद मौत हो गई थी. वहीं, तीन ऐसे परिवार के सदस्य थे, जिनके घर बीएलओ की कथित तौर पर एसआईआर के काम के कारण जान चली गई थी.
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