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Jairam Ramesh: अमेरिका में आयोजित ‘Board of Peace’ की पहली बैठक में दुनिया भर से करीब 50 देशों के प्रतिनिधि पहुंचे. भारत की ओर से वॉशिंगटन डीसी स्थित भारतीय दूतावास के चार्ज डी’अफेयर्स नामग्या सी खम्पा ने देश का प्रतिनिधित्व किया. जिसके बाद सियासी तकरार छिड़ी गई है. सरकार पर निशाना साधते हुए कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने कहा कि USA और पाकिस्तान के बीच रोमांस बिना रुके जारी है.

वाशिंगटन DC में वही फिर दिखा
आगे बोलते हुए कहा कि वाशिंगटन DC में यह एक बार फिर वही दिखा, 22 अप्रैल, 2025 को पहलगाम में हुए आतंकी हमले की साजिश रचने के लिए पाकिस्तान ने दुनिया के सामने कोई कीमत नहीं चुकाई है. यह मोदी सरकार की डिप्लोमेसी पर एक निराशाजनक टिप्पणी है जिसे कोई भी स्पिनडॉक्टरिंग मिटा नहीं सकती, यह बिल्कुल साफ है. 

दुनिया को दे रहे हैं ज्ञान
आगे कहा कि खुद को विश्वगुरु कहने वाले अपने एक्रोनिम्स के जरिए दुनिया को ज्ञान देने में बिजी हैं और CEOs को अपना हाथ पकड़कर उनके साथ अपनी सॉलिडैरिटी दिखाने के लिए मजबूर कर रहे हैं. यह है मोदी गवर्नेंस मैक्सिमम, ऑप्टिक्स, डेमेजिंग, इंडिया.

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कई देश के लोग हैं शामिल
 इस बैठक में शामिल देशों में से 27 देश पूर्ण सदस्य के तौर पर जुड़े हैं.  भारत को इस मंच में शामिल होने का न्योता पहले ही मिल चुका था, जब इसे दावोस में लॉन्च किया गया था. उस समय भारत ने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी थी. इसके बाद 12 फरवरी को विदेश मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि प्रस्ताव पर विचार जारी है. विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रंधीर जायसवाल ने कहा, अमेरिकी सरकार से हमें बोर्ड ऑफ पीस में शामिल होने का निमंत्रण मिला है. हम इस प्रस्ताव की समीक्षा कर रहे हैं. उन्होंने यह भी कहा कि भारत हमेशा पश्चिम एशिया में शांति प्रयासों का समर्थन करता रहा है और प्रधानमंत्री भी गाजा सहित पूरे क्षेत्र में स्थायी शांति की दिशा में उठाए गए कदमों का स्वागत करते हैं.