Mumbai Police encounter against criminals: मुंबई पुलिस अब टाइम ट्रैवल करने की तैयारी में है. टाइम मशीन से मुंबई की पुलिस करीब 4 दशक पहले वाले समय में जाने की तैयारी कर रही है. यानी वो दौर जहां मुंबई पुलिस हाजी मस्तान और करीम लाला से लेकर दाऊद और छोटा राजन गैंग के लिए खौफ का दूसरा नाम बन गई थी. एनकाउंटर मुंबई पुलिस की पहचान बन गया था. वही दौर फिर से लौटने वाला है. मुंबई अंडरवर्ल्ड पर एक फिल्म आई थी. वन्स अपॉन अ टाइम इन मुंबई. इस फिल्म में एक डायलॉग था- शहर साफ चाहिए. महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने यही बात मुंबई पुलिस से कही है. मुंबई पुलिस अब इस बात पर अमल करने में जुट गई है.
मुंबई पुलिस कमिश्नर ने बुलाई बड़ी बैठक
यानी मुंबई पुलिस अब फिर से..शूट एट साइट या कहें तो, ठोक देंगे वाली पॉलिसी पर लौट रही है. इसमें कोई किंतु-परंतु नहीं है. इसका साक्ष्य भी आज दिखा. मुंबई पुलिस के हेडक्वार्टर में आज बड़ी गहमागहमी रही. शहर के पुलिस कमिश्नर ने बड़ी बैठक बुलाई. आज की बैठक में मुंबई पुलिस के 6 ज्वाइंट कमिश्नर, पुलिस के 13 जोन के डिप्टी कमिश्नर, एसीपी, मुंबई के 99 थानों के पुलिस अधिकारी, मुंबई क्राइम ब्रांच की सभी 12 यूनिट के अधिकारी, सभी सायबर डीसीपी और सायबर पुलिस के अधिकारी शामिल थे.
बैठक में मुंबई पुलिस कमिश्नर देवेन भारती मौजूद थे. जिनका क्राइम डिटेक्शन रिकॉर्ड बहुत शानदार रहा है. देवेन भारती ने इंडियन मुजाहिदीन के पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश किया था. इस बैठक में मुंबई क्राइम ब्रांच के ज्वाइंट कमिश्नर लखमी गौतम भी मौजूद थे. गौतम..बाबा सिद्दीकी हत्याकांड, सलमान खान के घर फायरिंग,रोहित शेट्टी के घर पर हुई गोलीबारी जैसे हाइप्रोफाइल केस देख रहे हैं. बैठक का एजेंडा था मुंबई में क़ानून व्यवस्था को बेहतर बनाना.
संक्षेप में कहें तो आज मुंबई में कानून व्यवस्था के लिए जिम्मेदार सभी पुलिस अधिकारी एक ही छत के नीचे मौजूद थे. ऐसी बड़ी बैठक तभी होती है जब कोई बड़ा अपराध हुआ हो. कानून-व्यवस्था नियंत्रण से बाहर हो गई हो. पहले सीएम का बयान फिर मुंबई पुलिस की हाईप्रोफाइल बैठक. मुंबई में अचानक हलचल क्यों बढ़ गई है. इसे समझने के लिए हमें मुबंई में 12 दिन की हुई कुछ घटनाओं को समझना होगा.
सीएम फडणवीस ने पुलिस को दिया फ्री हैंड
सीएम देवेंद्र फडणवीस ने फ्री हैंड दे दिया है. मुंबई पुलिस फिर 1980 के बाद वाले अवतार में दिखने वाली है. मुंबई में अब 1990 के अंदाज में एनकाउंटर होंगे. सपनों के शहर में अब जो गोली चलाएगा उसका एनकाउंटर होगा. इसमें कोई संदेह नहीं है, कोई सवाल नहीं है.
सीएम फडणवीस ने साफ कहा कि मुंबई में माहौल खराब करने की कोई कोशिश करेगा, तो उसको पुलिस ढूंढेगी और ठोकेगी. किसी भी गैंग को मुंबई में पैर पसारने नहीं दिए जाएंगे. पुलिस को खुली छूट दी गई है कि अपराधियों को खोज कर कानून के दायरे में लाया जाए और शहर में डर का माहौल खत्म किया जाए.
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— Zee News (@ZeeNews) February 12, 2026
मुंबई पुलिस को आखिर 1990 वाले अवतार की याद क्यों आई. क्यों मुंबई में फिर ‘ठोको’ नीति की वापसी हो रही है. 1 फरवरी 2026. रात के 12 बजकर 45 मिनट..रात के अंधेरे में जुहू में एक घर बाहर फायरिंग हुई. घर फिल्म निर्देशक रोहित शेट्टी का था. उसके बाद सोशल मीडिया पर एक पोस्ट वायरल हुई. पोस्ट में लॉरेंस गैंग ने फायरिंग की जिम्मेदारी ली.
शहर में फिर पैर पसार रहा माफिया
रोहित शेट्टी के घर हुई फायरिंग ने मुंबईवासियों को 90 के दशक के खौफ की याद दिला दी. रिवाइंड मोड में वो दौर सामने आ गया जब वसूली के लिए जानी-मानी हस्तियों के घर-दफ्तर के बाहर फायरिंग होती थी. बात यहीं नहीं थमी. 10 फरवरी को एक्टर रणवीर सिंह को व्हाट्सएप पर एक वॉइस नोट मिला. मैसेज भेजनेवाले ने करोड़ों की फिरौती मांगी थी.
रणवीर सिंह के घर की सुरक्षा बढ़ाई जा रही थी इसी बीच 24 घंटे बाद ही सलमान खान के रिश्तेदार और अभिनेता आयुष शर्मा को धमकी भरा ई मेल मिला. इसमें लॉरेंस बिश्नोई के नाम पर फिरौती की डिमांड की गई थी. 11 दिन में एक के बाद एक हुई इन घटनाओं ने फिर मुंबई में अंडरवर्ल्ड के खौफ की वापसी करा दी. ठीक वैसा ही खौफ जैसा 1990 के दशक में होता था.
‘बैच ऑफ 83’ का वो खूंखार एनकाउंटर स्पेशलिस्ट, जिसने किए 114 एनकाउंटर; डर से मुंबई छोड़ गए थे बदमाश
12 दिन में हुई तीन बड़ी घटनाओं ने मुंबईकरों को डरा दिया है. अंडरवर्ल्ड ने घड़ी की सुई को 1990 के दशक में पहुंचा दिया. जब मुंबई में गैंगस्टर्स का आतंक हुआ करता था. और तब मुंबई पुलिस को अंडरवर्ल्ड के खिलाफ सबसे बड़ा एनकाउंटर ऑपरेशन चलाना पड़ा. मुंबई का वो 4 दशक पुराना खौफ..नया शक्ल लेकर फिर से लौटा है.
लॉरेंस गैंग की कमर तोड़ेगी मुंबई पुलिस
1990 के दशक में मुंबई को डरानेवाला चेहरा दाऊद इब्राहिम और छोटा राजन का था. इस बार ये चेहरा है लॉरेंस बिश्नोई. दाऊद- छोटा राजन ने पहले मुंबई में गैंग बनाया था फिर शहर से दूर बैठकर क्राइम सिडिंकेट चलाया. लॉरेंस भी मुंबई से दूर जेल में हैं. लेकिन उसका खौफ आज मुंबई को डरा रहा है.
लॉरेंस के दहशत का अंदाज पुराना है. इस खौफ को खत्म करने के लिए मुंबई पुलिस भी टाइम ट्रैवल वाली थ्योरी अपना रही है. मुंबई पुलिस ने भी रिवर्स गियर लगाया है और 1980 के बाद वाले दशक में लौट रही है.
