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नई दिल्ली: केंद्र सरकार ने कोरोना महामारी में ब्लैक फंगस के बढ़ते मामलों को देखते हुए बड़ी  टैक्स छूट की घोषणा की है. यह घोषणा शुक्रवार को आयोजित हुई जीएसटी काउंसिल (GST Council) की बैठक के बाद की गई.

ब्लैक फंगस की दवा को मिली छूट

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि देश में ब्लैक फंगस के बढ़ते मामलों को देखते हुए इसके इलाज में काम आने वाली दवा एंपोटेरिसिन-बी को भी जीएसटी से छूट (GST Exemption) प्राप्त वस्तुओं की सूची में शामिल कर लिया गया है. वहीं कोविड राहत सामग्रियों के आयात पर IGST छूट को भी 31 अगस्त 2021 तक  बढ़ा दिया है.

वित्त मंत्री ने कहा कि कोरोना से जुड़ी इलाज की कई सामग्रियों पर जीएसटी से छूट दी गई है या पहले की तुलना में कर की दर कम कर दी गई है. इसे लेकर काउंसिल की रेट फिटमेंट कमेटी ने सिफारिेशें की थी. जिस पर बैठक में चर्चा के बाद फैसला लिया गया. 

बीजेपी के वित्त मंत्रियों ने किया विरोध

GST काउंसिल (GST Council) की मीटिंग में दिल्ली के मंत्री डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया ने कोरोना वैक्सीन, ऑक्सिजन सिलेंडर, कन्सेंट्रेटर, ऑक्सीमीटर, पीपीई किट, सैनेटाइज़र, मास्क, टेस्टिंग किट आदि को टैक्स-फ़्री करने का प्रस्ताव रखा. उनका साथ पंजाब, बंगाल, केरल आदि कई राज्यों ने भी दिया. वहीं BJP के कई वित्त मंत्रियों ने इसका जमकर विरोध किया.

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चर्चा के बाद एक अंतर-राज्यीय मंत्री समूह के गठन का फैसला लिया गया. यह समूह अपनी मीटिंग करके इस बात की संस्तुति करेगा कि कौन सी नई चीजों पर जीएसटी की दरों में बदलाव लाया जाना चाहिए. यह समूह 8 जून तक अपनी रिपोर्ट देगा. इस समूह के लिए मंत्रियों का चयन कल तक हो जाएगा. करीब 7 महीने की देरी के बाद हुई काउंसिल की बैठक (GST Council) पर वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने स्पष्टीकरण भी दिया.

7 महीने बाद हुई काउंसिल की बैठक

 उन्होंने कहा कि काउंसिल की आखिरी बैठक पिछले साल अक्टूबर में हुई थी. उसके बाद इसे नियमित तौर पर फरवरी में होना था लेकिन उस समय बजट सत्र चल रहा था. तभी देश के कुछ राज्यों में चुनाव की वजह से आचार संहिता भी लागू हो गई थी. इसलिए फरवरी में काउंसिल की नियमित बैठक नहीं हो सकी. अब राज्यों में नई सरकारों के गठन के बाद जीएसटी काउंसिल की बैठक हुई है.

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