
Mohan Bhagwat: RSS प्रमुख मोहन भागवत ने रविवार को बड़ा बयान देते हुए कहा कि हमें सिर्फ सुपर पावर ही नहीं, विश्व गुरु भी बनना है. इसके भागवत ने हिंदुओं से अपील की है कि वे भारत को विश्व कल्याण के लिए ‘विश्व गुरु’ बनाने की दिशा में काम करें. उन्होंने आगे कहा,’सनातन धर्म को ऊपर उठाने का समय आ गया है. जो प्रक्रिया 100 साल पहले शुरू हुई थी, उसे अब और तेजी से आगे बढ़ाना हम सबकी जिम्मेदारी है.’
टेक्नोलॉजी पर इंसानो का स्वामित्व होगा
अंतर्राष्ट्रीय हिंदू संगठनों के सम्मेलन विश्व संघ शिविर के समापन समारोह को संबोधित करते हुए भागवत ने कहा,’हिंदुओं और स्वंयसेवकों को यह साबित करते उदाहरण पेश करना होगा कि यह कि मानव बुद्धि को वैश्विक कल्याण की दिशा में कैसे निर्देशित किया जा सकता है.’ उन्होंने आगे कहा,’टेक्नोलॉजी आगे बढ़ेगी, सोशल मीडिया का विस्तार होगा. AI आएगा. सब कुछ आएगा लेकिन टेक्नोलॉजी के गलत नतीजे नहीं होंगे. टेक्नोलॉजी मानव जाति की स्वामी नहीं बनेगी. इंसान ही टेक्नोलॉजी के स्वामी बने रहेंगे.’
हमारी जिंदगी से दूसरों को सीख मिलनी चाहिए
उन्होंने हिंदुओं से अपील करते हुए कहा कि उन्हें ऐसी जिंदगी जीनी चाहिए, जिससे दूसरे लोग सीख सकें और इसी आदर्श के साथ हर जगह धर्म की स्थापना करनी चाहिए. भागवत ने कहा कि दुनिया हम लोगों की तरफ देख रही है. हमें फिर से विश्व गुरु बनने की दिशा में काम करना होगा. उन्होंने कहा कि हम विश्व गुरु बनें यह दुनिया की जरूरत है लेकिन यह सब यूंही हासिल नहीं हो सकता. इसके लिए सख्त मेहनत की जरूरत है और कई क्षेत्रों में यह मेहनत चल रही है, संग खुद भी उन्हीं क्षेत्रों का एक हिस्सा है.
बिगड़े संतुलन को खत्म करना होगा
भागवत ने कहा,’हजारों वर्षों से मेक्सिको से लेकर साइबेरिया तक हिंदुओं ने किसी भी देश पर जीत प्राप्त किए बिना और किसी का धर्म बदले बिना, सभ्यता, गणित, आयुर्वेद जैसी चीजें देकर दूसरों का उत्थान किया है. पूरी दुनिया जानती है कि धार्मिकता के पतन की वजह से जो संतुलन बिगड़ गया है, जिससे उग्रवाद का उदय हुआ है और अन्य समस्याएं भी पैदा हुई हैं, उसे वापस लाना होगा.’

