Ajit Pawar: पुणे में होने वाले निकाय चुनावों को लेकर काफी ज्यादा हलचल मची हुई है, इसी बीच शिवसेना नेता रवींद्र धंगेकर ने पुणे निकाय चुनावों से पहले महाराष्ट्र के डिप्टी चीफ मिनिस्टर अजित पवार से मुलाकात की. इस मुलाकात के बाद उन्होंने नेशनलिस्ट कांग्रेस पार्टी (NCP) में जाने के दावों से इनकार किया. उन्होंने ऐसे समय पर मुलाकात की जब कयास लगाए जा रहे थे कि वो शिवसेना छोड़ सकते हैं. उन्होंने क्या कुछ कहा आइए जानते हैं.
जब उनसे उनके बेटे के टिकट न मिलने के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने पार्टी बदलने से इनकार किया और शिवसेना के चुनाव निशान “धनुष-बाण” का जिक्र किया. इसके अलावा NCP के साथ गठबंधन के सवाल पर उन्होंने कहा कि इसका फैसला डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे फैसला करेंगे. साथ ही कहा कि पार्टी कार्यकर्ता अजित पवार से मिलना चाहते थे, किसी भी गठबंधन के बारे में कोई चर्चा नहीं हुई, एकनाथ शिंदे गठबंधन पर चर्चा करेंगे और वही इसका फैसला करेंगे.
इस बीच पिंपरी-चिंचवड़ के बाद, चाचा-भतीजे अजीत पवार और शरद पवार ने पुणे नगर निगम चुनावों के लिए हाथ मिला लिया है, नेशनलिस्ट कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) के MLA रोहित पवार ने सोमवार को यह घोषणा की. रोहित पवार ने कहा कि दोनों पार्टियां अपने-अपने सिंबल पर चुनाव लड़ेंगी. दिलचस्प बात यह है कि उन्होंने कहा कि NCP-SCP के मुखिया शरद पवार गठबंधन के लिए फैसला लेने की प्रक्रिया में शामिल नहीं थे और MP सुप्रिया सुले ने पुणे में पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ एक मीटिंग की.
रोहित पवार ने कहा कि सभी पार्टी कार्यकर्ताओं से बात करने के बाद, सुप्रिया सुले ने खुद भी पुणे के कार्यकर्ताओं से बातचीत की, इसके बाद, पिंपरी-चिंचवड़ के कार्यकर्ताओं से चर्चा की गई, यह कार्यकर्ताओं और उनके चुनाव की लड़ाई है इसलिए, उनकी राय सुनने और उनकी चिंताओं को समझने के बाद, यह फैसला किया गया कि NCP के दोनों गुट पुणे और पिंपरी-चिंचवड़ में एक साथ चुनाव लड़ेंगे. हालांकि, दोनों पार्टियां अपने-अपने सिंबल पर चुनाव लड़ेंगी. उन्होंने कहा, यह फैसला सिर्फ पुणे और पिंपरी चिंचवाड़ के लिए लिया गया है और वह भी लोकल वर्कर्स की बात सुनने और उनकी सहमति से पवार साहब इस पूरे फैसले लेने के प्रोसेस में शामिल नहीं हैं.
ऐसे सीनियर नेताओं ने कभी सीधे तौर पर नगर निगम चुनावों में हिस्सा नहीं लिया है, उन्होंने सिर्फ इतना कहा कि हमारे लिए लड़ने वालों की बात सुनी और समझी जानी चाहिए और वर्कर्स जो तय करेंगे, उसके हिसाब से फैसले होने चाहिए, इसलिए, पुणे और पिंपरी चिंचवाड़ में यह अलायंस बनाया गया है. (ANI)
