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India Weapons Test 2025: साल 2025 में भारतीय सेना ने अपने नाम कई उपलब्धियां हासिल कीं. एक ओर जहां मई 2025 में ऑपरेशन सिंदूर के जरिए पाकिस्तान में स्थित आतंकवाद के खिलाफ कार्रवाई की गई तो वहीं इस साल ब्रह्मोस और पिनाका जैसे फायरपावर रॉकेट में भी बड़ी प्रगति देखने को मिली. 1 दिसंबर 2025 को दक्षिणी कमान की एक ब्रह्मोस यूनिट ने अंडमान-निकोबार कमांड की मदद से वास्तविक जंग जैसी परिस्थितियों में मिसाइल को फायर किया. इसके अलावा आज 31 दिसंबर 2025 को 2 प्रलय मिसाइलों का सफल परीक्षण भी हुआ.   

समंदर में बनाया दबदबा 

मिसाइल और रॉकेट के बाद भारत ने 23 दिसंबर 2025 को K4 मिसाइल का परीक्षण किया. यह परमाणु क्षमता से लैस पनडुब्बी से एक मध्यम दूरी की बैलिस्टिक मिसाइल है. इस मिसाइल टेस्ट से भारत उन चुनिंदा देशों में शामिल हो गया है, जो जमीन, हवा और समुद्र के नीचे से परमाणु मिसाइल दागने में सक्षम हैं. KF4 को DRDO ने स्वदेशी टेक्नोलॉजी से विकसित किया है. इस मिसाइल की तैनाती साफ संदेश देती है की भारत अब लगातार समंदर में अपनी न्यूक्लियर अटैक करने की क्षमता बनाए रख सकता है. 

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हवाई खतरों के लिए बड़ी तैयारी 

DRDO ने 23 दिसंबर 2025 को नेक्स्ट जेनरेशन आकाश मिसाइल सिस्टम यानी आकाश NG के यूजर इवैल्यूएशन ट्रायल्स को सफलतापूर्वक पूरा किया. यह मिसाइल सिस्टम पूर्ण रूप से स्वदेशी टेक्नोलॉजी से लैस है. इसमें स्वदेशी रेडियो फ्रिक्वेंसी (RF) सीकर लगाया गया है. यह अपने टारगेट को सटीक तरीके से पकड़ने में पूरी तरह सक्षम है. इस सिस्टम की रेंज 30 किलोमीटर और ऊंचाई 18 किलोमीटर है. यह एकसाथ कई टारगेट को अपना निशाना बना सकता है. इतना ही नहीं आकाश NG आराम से हेलिकॉप्टर, ड्रोन, फाइटर जेट, क्रूज मिसाइल और एयर टू सर्फेस मिसाइलों जैसे बड़े खतरों का मुकाबला कर सकती है.  

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दुश्मनों को तबाह करेंगे ये शूरवीर 

भारत ने आज ही नए साल से एक दिन पहले बुधवार 31 दिसंबर 2025 को स्वदेशी रूप से विकसित प्रलय मिसाइल का सफल परीक्षण किया है. इसका परीक्षण सुबह लगभग 10 बजे ओडिशा तट से दूर स्थित डॉक्टर एपीजे अब्दुल कलाम आईलैंड पर किया गया. यह स्वदेशी बैलिस्टिक मिसाइलरडार इंस्टॉलेशन, कमांड सेंटर और एयरस्ट्रिप्स समेत रणनीतिक लक्ष्यों पर आराम से सटीक हमला कर सकती है. इसके अलावा 29 दिसंबर 2025 को पिनाका मल्टी बैरल रॉकेट लॉन्चर का भी सफल परीक्षण किया गया. यह दुश्मन के इलाके को चंद सेकेंड में तबाह कर सकता है. भारत अपनी इन उपबल्धियों से दुश्मनों को साफतौर पर संदेश दे रहा कि अगर इस बार किसी भी तरह का खतरा हुआ तो इससे निपटने के लिए भारत ने पूरी तैयारी कर रखी है. कभी भी जरूरत पड़ने पर भारत अपनी इन उपलब्धियों का इस्तेमाल करने से नहीं हिचकिचाने वाला है.