
उस समय अटल बिहारी वाजपेयी विपक्ष में थे. संसद में पीएम की सीट पर इंदर कुमार गुजराल थे. स्पीकर सदस्यों से शांत रहने की अपील करते हैं. अटल बिहारी वाजपेयी खड़े थे. ठीक पीछे प्रमोद महाजन बैठे थे. वाजपेयी कहते हैं कि प्रधानमंत्री जी अकारण उत्तेजित हो रहे हैं. अनावश्यक, अकारण. अपने अंदाज में वह कुछ सेकेंड थमते हैं. फिर दो उंगलियों को घुमाते हुए कहते हैं कि उनके बयान जिस तरह से छपे और जिस तरह से टेलीविजन में रिपोर्ट हुए… आपके बारे में जब बयान आते हैं तो हम ये मानकर चलते हैं कि बयान ठीक ही होंगे. आईके गुजराल खड़े होने लगे तो वाजपेयी ने हाथ से बैठे रहने इशारा किया लेकिन आगे बात काफी बढ़ गई.
गुजराल ने बीच में खड़े होकर कहा कि आखिरी बयान भी पढ़ना चाहिए जो ऑन रिकॉर्ड है. संसद में कई लोग बोलने लगते हैं. वाजपेयी ने कहा कि अगर पहले बयान में और आखिरी बयान में अंतर है तो लोगों के मन में भ्रम पैदा होना स्वाभाविक है. पीएम फिर खड़े हुए- आप जैसे लोगों के मन में नहीं होना चाहिए. आप समझदार आदमी हैं. फिर कुछ सेकेंड के लिए शोर बढ़ गया.
वाजपेयी थोड़ा रुके फिर बोले कि अध्यक्ष महोदय, मैं प्रधानमंत्री का आभारी हूं. वह कह रहे हैं कि मेरे मन में भ्रम नहीं होना चाहिए. आगे तंज के लहजे में वाजपेयी ने कहा कि लेकिन ऐसी बात तो होनी ही नहीं चाहिए जो किसी के भी मन में भ्रम पैदा करे. पीएम फिर खड़ हुए. गुजराल बोले कि इसीलिए आपको बोलते समय इसका पूरा ध्यान रखना चाहिए. संसद में ठहाके गूंजने लगे. 5-6 सांसदों की दूरी पर बैठे चंद्रशेखर ये सब देख रहे थे. उन्हें अच्छा नहीं लग रहा था लेकिन अभी वाजपेयी बोल रहे थे.
वाजपेयी ने आगे फिर तंज कसा- अब अगर सारा ध्यान हमको ही रखना है तब प्रधानमंत्री क्या करेंगे. प्रधानमंत्री गुजराल को गुस्सा आ गया. वह फिर खड़े होकर बोले कि आप देशभक्ति मुझे मत सिखाइए. मुझे देशभक्ति का पूरा ज्ञान है. वाजपेयी कुछ सेकेंड खामोश रहे होंगे तभी चंद्रशेखर अपनी सीट से खड़े हो गए. उन्होंने अटल को इशारा किया कि एक मिनट फिर खुद बोलने लगे. अटल चुपचाप बैठ गए.
आगे चंद्रशेखर ने पीएम को जमकर सुनाया. उन्होंने कहा कि उपाध्यक्ष जी, मैं बहुत विनम्र निवेदन करूंगा प्रधानमंत्री जी से कि जरा गुस्सा कम कीजिए. ये आपके लिए शोभा नहीं देता. मैं इस बात में पड़ना चाहता था लेकिन… प्रधानमंत्री जी देश को तोड़ने के लिए देश के बाहर से जो बयान आते हैं, उस पर आपका एक भी दिन गुस्सा हमने नहीं देखा. पिछले 2 महीने में कितने बयान आए हैं. क्या भारत सरकार की जिम्मेदारी नहीं है कि उन बयानों का खंडन करे.गुस्सा यहां अटल बिहारी वाजपेयी पर करने से पहले श्रीमान प्रधानमंत्री जी थोड़ा गुस्सा खुद पर करना सीखिए. पूरा वीडियो देखिए.
Just found this rare video. Look how Mr. I.K Gujral was so short tempered Guy. Even Atal Bihari Vajpayee ji got angry in the middle because of his “Tokna” while Atal ji was speaking….!!!
Even Former P.M Chandrashekhar ji was supporting Atal ji on the matter. pic.twitter.com/Zdti13eSuM— Adarsh Hegde (@adarshahgd) January 1, 2026
चंद्रशेखर ने साफ कहा कि जब बाहर से अनाप-शनाप बयान आते हैं तो देश आपको मौन देखता है तो लोगों में भ्रम होता है और ऐसे में इस गुस्से से भ्रम नहीं मिटने वाला.
