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सुप्रीम कोर्ट से उमर खालिद और शरजील इमाम को दिल्ली दंगा केस में बेल नहीं मिली तो रात में ही जेएनयू में आपत्तिजनक नारे लगने लगे. सुबह से ही सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल है. वीडियो में सुनाई देता है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह के खिलाफ अशोभनीय नारे लगाए जा रहे हैं. खास बात यह है कि इस तरह की नारेबाजी पर भाजपा के नेताओं के साथ-साथ कांग्रेस के एक वरिष्ठ नेता ने आपत्ति जताई है. 

JNU में PM मोदी और शाह के खिलाफ लगाए गए विवादित नारों पर कांग्रेस नेता संदीप दीक्षित ने कहा, किसी को भी किसी भी कोर्ट के फैसले के खिलाफ विरोध करने का अधिकार है लेकिन मुझे नहीं लगता कि ‘कब्र’ जैसे शब्दों का इस्तेमाल करना सही है. ये छात्र हैं, उन्हें विरोध करने का अधिकार है. अगर उन्हें लगता है कि जिन दो लोगों को जमानत नहीं मिली है, उन्हें जमानत मिलनी चाहिए तो बहुत से दूसरे लोग भी ऐसा ही सोचते हैं… लेकिन इस तरह की भाषा का इस्तेमाल आपत्तिजनक है.’

कांग्रेस नेता ने कहा कि हमारी पार्टी इस बात पर कायम रही है कि सार्वजनिक रूप से हमें अपनी भाषा पर कंट्रोल रखना चाहिए. आप लोगों की आलोचना कर सकते हैं, लेकिन एक तरीका होता है जिससे आप अपनी भावनाओं को शब्दों में बयां करते हैं. दावा किया जा रहा है कि जिस समय रात में यह नारेबाजी हो रही थी, जेएनयू स्टूडेंट यूनियन के दो पदाधिकारी भी वहीं मौजूद थे. 

‘मोदी-शाह भारत के दुश्मनों की कब्र खोदेंगे’

केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने जेएनयू में नारे लगाने वालों को दहाड़ते हुए कहा कि अरे, मोदी और अमित शाह भारत के दुश्मनों की कब्र खोदते हैं और मुझे तो लगता है कि ऐसे लोगों पर देशद्रोह का मुकदमा चलना चाहिए. जो भारत में पाकिस्तान की सोच रखते हों, जो चिकन नेक काटने की बात करते हों, उसके समर्थन में… ये भारत की जनता कभी बर्दाश्त नहीं करेगी.