
भारत ने पहली बार खुलकर वेनेजुएला में अमेरिकी ऐक्शन पर चिंता जताई है. विदेश मंत्री जयशंकर ने साफ कहा कि हां, हम वेनेजुएला के घटनाक्रम को लेकर चिंतित हैं. यह एक ऐसा देश है जिसके साथ हमारे बहुत अच्छे संबंध रहे हैं. हम सभी पक्षों से आग्रह करेंगे कि वे ऐसी स्थिति पर आएं जो लोगों के हित में हो. इसके बाद विदेश मंत्री ने ऑपरेशन सिंदूर का जिक्र करते हुए जो कहा, वो बात अमेरिका को चुभेगी.
जयशंकर ने खुलकर कहा कि आज, देश (दुनियाभर के) सिर्फ वही काम करते हैं जिससे उन्हें फायदा होता है लेकिन वे हमें मुफ्त में सलाह देना चाहते हैं. उन्होंने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर के समय भी ऐसा ही हुआ, जब देशों ने कहा कि उन्हें चिंता है कि क्षेत्र में तनाव पैदा हो गया है. तंज के लहजे में आगे बोले कि अच्छा, सच में? आप अपने ही इलाके को क्यों नहीं देखते और उससे हमें कितनी चिंता होती है? वैसे विदेश मंत्री ने अमेरिका या किसी देश का नाम नहीं लिया लेकिन निशाना स्पष्ट है.
भारतीय विदेश मंत्री इस समय लक्जमबर्ग के दौरे पर हैं. विदेश मंत्री ने मुफ्त सलाह वाला तंज सीधे तौर पर अमेरिका पर कसा. ऑपरेशन सिंदूर के समय ट्रंप आए दिन कह रहे थे कि दोनों देशों में काफी तनाव हो गया था. कुछ बड़ा हो सकता था. वह लड़ाई रुकवाने का क्रेडिट खुद को दे रहे थे. भारत लगातार इस बात को गलत कहता लेकिन ट्रंप थे कि मानते ही नहीं. अब विदेश मंत्री तनाव वाली बात अमेरिका के वेनेजुएला ऐक्शन पर दोहरा दी.
उन्होंने कहा कि वेनेजुएला में लोगों की सुरक्षा भारत की पहली चिंता है क्योंकि देश में अमेरिकी सैन्य कार्रवाई और राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी की गिरफ्तारी के बाद संकट गहरा गया है. वहां बोलते हुए जयशंकर ने मंगलवार को कहा, ‘हमने कल एक बयान (आधिकारिक) जारी किया था इसलिए मैं आपसे उसे देखने का आग्रह करूंगा. जाहिर है, जो हुआ, अगर मैं बयान को संक्षेप में कहूं तो हम घटनाक्रम को लेकर चिंतित हैं, लेकिन हम वास्तव में इसमें शामिल सभी पक्षों से अब बैठकर बातचीत करने और ऐसी स्थिति पर पहुंचने का आग्रह करेंगे जो वेनेजुएला के लोगों की भलाई और सुरक्षा के हित में हो क्योंकि आखिरकार, यही हमारी चिंता है.
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