News in Brief

BMC चुनाव 2026 में महायुति (बीजेपी और शिंदे गुट शिवसेना) ने साफ जीत दर्ज की है. 227 सदस्यीय बृहन्मुंबई महानगरपालिका में बीजेपी ने 89 सीटें जीतकर सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी, जबकि गठबंधन की साझेदार शिंदे सेना ने 29 सीटें जीतीं. उद्धव ठाकरे गुट और राज ठाकरे की MNS ने 71 सीटें जीतीं, लेकिन महायुति को चुनौती नहीं दे पाईं. इस चुनाव ने स्पष्ट कर दिया कि मुंबई की जनता ने महायुति पर भरोसा जताया है और विपक्ष का असर अब कमजोर दिख रहा है.

बीजेपी और शिंदे सेना का दबदबा

आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, बीजेपी को कुल वोटों में 45.22% का शेयर मिला और यह BMC में सबसे बड़ी पार्टी बन गई. इसके गठबंधन सहयोगी शिंदे सेना ने कुल वोटों का 5% पाकर 29 सीटें जीतीं. इस तरह BJP-शिंदे सेना गठबंधन ने BMC में सबसे बड़ा ब्लॉक बनाकर शहर पर अपनी मजबूत पकड़ बनाई. इस जीत ने स्पष्ट किया कि महायुति की लोकप्रियता मुंबई के नागरिकों में बढ़ी है और अगले कुछ वर्षों के लिए शहर में उनकी राजनीतिक स्थिति मजबूत होगी.

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 ठाकरे भाई और कांग्रेस की मेहनत पर पानी

उद्धव ठाकरे नेतृत्व वाली शिवसेना (UBT) ने राज ठाकरे की MNS के साथ मिलकर चुनाव लड़ा, लेकिन उन्हें कुल 71 सीटें ही मिलीं. UBT को 7,17,736 वोट मिले, जबकि MNS ने 6 सीटें और 74,946 वोट हासिल किए. दूसरी ओर, कांग्रेस ने 24 सीटें जीतीं और 2,42,646 वोट पाए. वंचित बहुजन आघाड़ी के साथ कांग्रेस गठबंधन चौथे स्थान पर रही. इस तरह ठाकरे भाईयों और कांग्रेस ने महायुति को चुनौती दी, लेकिन उनका प्रदर्शन अपेक्षाकृत कमजोर रहा.

छोटे दलों की स्थिति और AIMIM का सरप्राइज

दो NCP गुट (NCP और NCP-शरद पवार) ने मिलकर केवल चार सीटें जीतीं, जो मुंबई में उनकी सीमित पकड़ दिखाती हैं. वहीं AIMIM ने आठ सीटें जीतकर चुनाव में सरप्राइज दिया, जबकि समाजवादी पार्टी को केवल दो सीटें मिलीं. AIMIM ने संकेत दिया कि वह 2029 विधानसभा चुनाव से पहले मुंबई और महाराष्ट्र में अपनी स्थिति मजबूत करना चाहती है. कुल मिलाकर, महायुति की जीत स्पष्ट है, विपक्ष कमजोर रहा, और छोटे दलों ने अलग रणनीति अपनाई.