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DNA Analysis: पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद में ज़ी मीडिया की महिला पत्रकार पर हमले की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा निंदा की है. मालदा में रैली के दौरान प्रधानमंत्री ने कहा कि महिला पत्रकार के साथ TMC के गुंडों ने बर्बरता की. प्रधानमंत्री ने ये आरोप भी लगाया कि बंगाल में बेटियां सुरक्षित नहीं हैं. पीएम मोदी ने इस हमले को लेकर जो कहा, वो आपको भी जानना चाहिए. पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी एक महिला हैं. 

इसके बावजूद मुर्शिदाबाद के बेलडांगा में कल ZEE मीडिया की मुर्शिदाबाद संवाददाता सोमा मैती का गुंड़ों ने डेढ़ किलोमीटर तक पीछा किया. वो भागते-भागते गिर गई तो उन्हें बुरी तरह पीटा गया. ज़ी मीडिया की पत्रकार सोमा मैती और कैमरापर्सन रंजीत न्यूज कवरेज के लिए गए थे. एक प्रवासी मजदूर की मौत के बाद प्रदर्शनकारियों ने राष्ट्रीय राजमार्ग-12 और रेल मार्ग को 10 घंटों से जाम कर रखा था. वे तोड़फोड़ कर रहे थे.

पत्रकार पर हमला

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जी संवाददाता सोमा मैती जब वहां पहुंची तभी भीड़ में मौजूद उपद्रवियों ने सोमा को दौड़ा कर पीटना शुरू कर दिया. हैरान करने वाली बात यह है कि इस पर सीएम ममता बनर्जी ने अपनी ही पार्टी के गुंडों की इस करतूत पर कार्रवाई को लेकर अपनी लाचारी जता दी. उल्टा उन्होंने ये सलाह दे दी कि भीड़ में कवरेज करने जाएं तो सावधानी के साथ जाएं. आपको भी सीएम ममता बनर्जी का बयान भी आपको समझना चाहिए. 

ममता बनर्जी का बयान

ममता बनर्जी ने कहा’मैं तो कह रही हूं कि मैं इसका समर्थन नहीं करती, लेकिन मॉब में जाते वक्त सावधानी रखें. क्योंकि आप तो जानते हैं, ये मेरे हाथ में नहीं है. मैंने तो ये काम नहीं किया न, मैं इसकी निंदा करती हूं. तीव्र शब्दों में निंदा करती हूं. मैं भाई-बहनों से अपील करती हूं कि शांति बनाए रखें, मुझ पर भरोसा रखें’. यानी की ममता बनर्जी ने उपद्रवी प्रदर्शनकारियों से शांति बनाए रखने की अपील और एक महिला संवाददाता पर हमले को लेकर सावधानी बरतने की नसीहत. 

पुलिस ने दिया ऑर्डर का हवाला

सबसे शर्मनाक बात तो यह है कि इस स्थिति में जब जी संवाददाता ने पुलिस से मदद मांगी तो टका सा जवाब मिला कि उन्हें ऊपर से ऑर्डर नहीं है. आज आपको जी संवाददाता की वो बात भी जाननी चाहिए जब उन्होंने पुलिस से सुरक्षा की गुहार लगाई तो उनके साथ क्या हुआ. संवाददाता ने कहा ‘पुलिस रास्ते पर खड़ी थी, हमने मदद मांगी कि हमें रेस्क्यू कीजिए,बार-बार कहा कि वे लोग मुझे मार देंगे लेकिन पुलिसकर्मियों ने कहा कि हम कुछ नहीं कर सकते, हमें ऊपर से ऑर्डर नहीं है.

एसपी घटनास्थल पर मौजूद

आपको बता दें कि मुर्शिदाबाद के एसपी घटनास्थल पर मौजूद थे. यह है पश्चिम बंगाल में एक महिला पत्रकार की सुरक्षा का हाल. जितना उन्हें शारीरिक रूप से चोट नहीं पहुंची उससे कहीं ज्यादा मानसिक चोट पहुंची है. 24 घंटे बीत जाने के बाद आखिरकार 4 लोगों को हिरासत में लिया गया है.