
Karnataka News: कर्नाटक सरकार ने राज्य में एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक फेरबदल किया है. राज्य सरकार ने वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी उमेश कुमार को नागरिक अधिकार प्रवर्तन निदेशालय के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) का अतिरिक्त प्रभार सौंपा है. इसका आदेश बुधवार को जारी किया गया. सरकार की ओर जारी अधिसूचना के अनुसार, पुलिस महानिदेशक भर्ती बेंगलुरु उमेश कुमार को तत्काल प्रभाव से और अगले आदेश तक डीसीआरई का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है.
दरअसल, राज्य सरकार ने यह फैसला हाल में ही डीसीआरई के पूर्व डीजीपी के. रामचंद्र राव के निलंबन के बाद आया है. पिछले दिनों रामचंद्र राव का एक कथित वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें देखा जा सकता था कि वह वर्दी में सरकारी दफ्तर में कई महिलाओं के साथ रंगरलियां मनाते नजर आए थे. इसके बाद रामचंद्र राव पर गाज गिरी और उनको निलंबित कर दिया गया. निलंबन के आदेश में कहा गया था कि उनका आचरण सरकारी सेवक के योग्य नहीं है और इससे राज्य प्रशासन को शर्मिंदगी हुई है. यह उल्लंघन ऑल इंडिया सर्विसेज (कंडक्ट) रूल्स, 1968 के नियम 3 का उल्लंघन माना गया.
कर्नाटक सरकार ने क्यों लिया ये फैसला?
माना जा रहा है कि उमेश कुमार को यह अतिरिक्त जिम्मेदारी सौंपा जाना डीसीआरई जैसे संवेदनशील विभाग में स्थिरता लाने का प्रयास है. ज्ञात हो कि डीसीआरई मुख्य रूप अनुसूचित जाति/जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम के अंतर्गत मामलों की जांच करता है और उनका निवारण करता है. चूंकि उमेश कुमार पहले कर्नाटक स्टेट रिजर्व पुलिस (केएसआरपी) में एडीजीपी रह चुके हैं इसके बाद सितंबर 2025 में डीजीपी (भर्ती) पद पर पदोन्नत किए जा चुके हैं. वह एक मजबूत प्रशासनिक अधिकारी माने जाते हैं.
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किसने जारी किया आदेश?
गौरतलब है कि ये आदेश कर्नाटक सरकार के कार्मिक और प्रशासनिक सुधार विभाग (सेवाएं-4) के अवर सचिव केवी अशोक की ओर से जारी की गई हैं. यह अधिसूचना राज्यपाल के नाम पर है. बताया जा रहा है कि आदेश की प्रतियां विभिन्न अधिकारियों को भेजी गई हैं. (इनपुट- आईएएनएस)
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