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वडोदरा के एक 17 साल के लड़के ने एग्जाम के स्ट्रेस को हद से ज़्यादा ले लिया. उसने अपने घर की आलमारी के सेफ में रखे 3 लाख रुपये चुरा लिए और गोवा भाग गया. इन रुपयों में उस लड़के की बहन की UPSC एग्जाम की फीस भी शामिल थी. पुलिस ने दो दिन बाद उस किशोर को ढूंढ निकाला वह एक दोस्त के साथ आराम कर रहा था और उसने पुलिस को बताया कि वह क्लास 11 के एग्जाम के प्रेशर से बचने के लिए भाग गया था. आधी रात को उसके अचानक गायब होने से घर में दहशत फैल गई और पुलिस ने कई राज्यों में तेज़ी से तलाशी अभियान चलाया.

पुलिस ने बताया कि सामा-सावली रोड इलाके में रहने वाला लड़का मंगलवार को आधी रात के बाद चुपचाप घर से निकल गया. एक अधिकारी ने बताया, ‘रात करीब 12 बजे उसने अपनी मां और बहन से सोने के लिए कहा और अपने कमरे में चला गया. कुछ भी असामान्य नहीं लग रहा था.’ अगली सुबह, जब सुबह 9:30 बजे घरेलू नौकरानी आई, तो सामने का दरवाज़ा खुला मिला. लड़का गायब था. घर के अंदर जांच करने पर पता चला कि सेफ में रखे 3 लाख रुपये गायब थे.

रात पौने दो बजे घर से निकला था किशोर
पुलिस ने बताया, ‘इस पैसे में उसकी बहन की UPSC परीक्षा की फीस के लिए रखे गए पैसे भी शामिल थे.’ उसका मोबाइल फोन बंद था, जिससे परिवार की चिंता और बढ़ गई. घर से निकलने से पहले, उसने अपने स्कूल टीचर को एक मैसेज भेजा था कि वह उस दिन क्लास में नहीं आएगा. CCTV फुटेज में टीनएजर रात करीब 1:45 बजे एक बैगपैक के साथ घर से निकलते हुए दिखा. जांच कर रही टीम ने जल्द ही उसके रास्ते का पता लगा लिया. उसने सबसे पहले मुंबई के लिए एक टैक्सी किराए पर ली. वहां से, उसने एक दोस्त को लिया और गोवा के लिए दूसरी टैक्सी ली.

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पुलिस ने टेक्निकल सर्विलांस से लड़के की लोकेशन ढूंढी
एक पुलिस सूत्र ने कहा, ‘उसकी उम्र के हिसाब से यह हरकत काफी अच्छी तरह से प्लान की गई थी.’ लड़के से कोई संपर्क न होने पर, पुलिस ने टेक्निकल सर्विलांस का सहारा लिया. उन्होंने पाया कि उसके फोन पर एक नया सिम कार्ड एक्टिवेट किया गया था. लोकेशन डेटा का इस्तेमाल करके, टीमों ने सिग्नल को गोवा तक ट्रैक किया और एक बीच रिज़ॉर्ट पर पहुंचीं. एक सूत्र ने कहा, ‘जब हम वहां पहुंचे, तो दोनों लड़के बीच पर आराम से बैठे थे, जैसे कुछ हुआ ही न हो.’

दो दिन में खर्च कर दिए 50 हजार से ज्यादा रुपए
पुलिस के अनुमान के मुताबिक, टीनएजर ने दो दिनों में 50,000 रुपये से ज़्यादा खर्च कर दिए थे. पूछताछ के दौरान, लड़का रो पड़ा और अधिकारियों को बताया कि पढ़ाई के प्रेशर ने उसे भागने पर मजबूर कर दिया था. एक ऑफिसर ने बताया, ‘उसने कहा कि वह अपनी क्लास 11 के एग्जाम को लेकर डिप्रेस्ड था और उसे घुटन महसूस हो रही थी. वह कुछ समय के लिए दूर जाना चाहता था.’ उसने पुलिस को बताया कि उसने एक हफ्ते बाद घर लौटने का प्लान बनाया था. रिपोर्ट्स के मुताबिक, उसने इन्वेस्टिगेटर्स को बताया, ‘मैं एग्जाम के प्रेशर की वजह से चला गया था. मुझे बस एक ब्रेक चाहिए था.’

लड़के पर कोई केस नहीं दर्ज किया गया
लड़के और उसके दोस्त को वडोदरा वापस लाया गया और काउंसलिंग के बाद उनके परिवारों को सौंप दिया गया. सूत्रों ने बताया कि परिवार बहुत सदमे में था, खासकर यह जानने के बाद कि लिए गए पैसों में उसकी बहन की कॉम्पिटिटिव परीक्षा के लिए रखे गए पैसे भी शामिल थे. पुलिस ने टीनएजर की काउंसलिंग भी की और परिवार को ज़रूरत पड़ने पर प्रोफेशनल मदद लेने की सलाह दी. सीनियर अधिकारियों ने कहा कि यह मामला स्टूडेंट्स पर बढ़ते इमोशनल बोझ को दिखाता है. एक सीनियर ऑफिसर ने कहा, ‘कई बच्चे चुपचाप परेशान रहते हैं. माता-पिता और टीचर्स को व्यवहार में बदलाव और स्ट्रेस के संकेतों पर ध्यान देना चाहिए.’ कोई क्रिमिनल केस दर्ज नहीं किया गया है, क्योंकि लड़का नाबालिग है और उसे सुरक्षित ढूंढ लिया गया था.

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