
Maharashtra Mahayuti Politics: क्या महाराष्ट्र की महायुति सरकार में थोड़ी-बहुत दरार आ गई है. बीजेपी कोटे के मंत्री गणेश नायक ने सरेआम डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे को पॉलिटिकली ठिकाने लगाने की बात की, जिसके बाद एक बार फिर से दावा किया जाने लगा कि अंदरखाने लंबे समय से बीजेपी-शिवसेना के बीच जारी तकरार खत्म नहीं हुई है. अटकलबाजी से इतर दोनों दलों में सबकुछ ठीक नहीं है, इसके संकेत भी कई महीनों से लगातार मिल रहे हैं. सरकार चलाने के लिए दोनों को एक दूसरे की जरूरत है, शायद इसलिए टॉप ऑर्डर चुप है, लेकिन दोनों ही दलों की सेकेंड लीडरशिप एक दूसरे को असहज करने का मौका नहीं छोड़ रही है.
क्या बोले थे नाइक, एनसी ने किया पलटवार
गणेश नाइक ने एक सार्वजनिक कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे को लेकर कहा था कि अगर बीजेपी का नेतृत्व इजाजत दे, तो वह उन्हें राजनीतिक रूप से मिटा सकते हैं. महायुति में बीजेपी बनाम शिवसेना (BJP Vs Shiv Sena) की बतकही का शिवसेना नेता शाइना एनसी ने बराबरी का जवाब दिया है. शिवसेना नेत्री ने कहा क्या गणेश नाइक ने ऐसा बयान देने से पहले अपनी पार्टी के शीर्ष नेतृत्व से इजाजत ली थी या ये उनकी निजी राय है. राजनीतिज्ञों को मर्यादा और हैसियत का ध्यान देकर ही कोई बयान देना चाहिए. एकनाथ शिंदे कोई साधारण नेता नहीं हैं. वे जमीनी स्तर से जुड़े बड़े नेता हैं, जिनके ऊपर महाराष्ट्र की जनता भरोसा करती है. उनसे प्रेम करती है. गणेश नायक जैसा बयान देने वालों की सोच अपने आप सामने आ जाती है’.
शिवसेना नेता शायना एनसी ने साफ शब्दों में कहा कि शिवसेना को किसी भी तरह के ‘सर्टिफिकेट’ की जरूरत नहीं है. जो जैसा बोलता है और करता है उससे उसकी मानसिकता का पता चलता है.
मर्यादा का ध्यान रखना चाहिए: शायना
शाइना एनसी ने गणेश नाइक को याद दिलाया कि जब एकनाथ शिंदे महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री थे, तभी उन्हें मंत्री पद मिला था. उन्होंने कहा कि राजनीति में रहते हुए व्यक्ति को अपनी मर्यादा और परिस्थिति नहीं भूलनी चाहिए. कुछ बातें सार्वजनिक मंच पर कहने से पहले सोचनी चाहिए और कई बार अपनी राय अपने तक ही सीमित रखना बेहतर होता है.
आपको बताते चलें कि गणेश नाइक का बयान ऐसे समय आया है, जब बीएमसी चुनाव के बाद मेयर को लेकर सस्पेंस बना हुआ है.
