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एक के बाद एक शशि थरूर कांग्रेस की कई बैठकों में नहीं पहुंचे. हर बार वजह कुछ अलग पता चलती. कई तरह की अटकलें लगाई जा रही थीं. भाजपा के नेता चुटकी लेने लगे थे. अब कांग्रेस सांसद शशि थरूर, पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और राहुल गांधी की मुस्कुराती हुई तस्वीर सामने आई है. थरूर ने इसे सोशल मीडिया पर डाला है. मुस्कुराहट से संदेश देने की कोशिश की गई है कि ऑल इज वेल यानी सब ठीक है. हाल के महीनों में थरूर और राहुल गांधी के बीच मनमुटाव की खबरें आ रही थीं. पिछले दिनों एक सभा में दोनों एक ही मंच पर लेकिन दूर-दूर बैठे थे. ऐसे में यह समझना जरूरी हो जाता है कि 2 घंटे बंद कमरे में खरगे ने बीच में बैठकर थरूर और राहुल गांधी के बीच क्या सेटिंग कराई?

पिछले हफ्ते कांग्रेस पार्टी में थरूर को लेकर नाराजगी की बात तब की जाने लगी थी कि जब तिरुवनंतपुरम के सांसद ने दिल्ली में केरल की टॉप मीटिंग में हिस्सा नहीं लिया. इसमें विधानसभा चुनावों के लिए रणनीति तैयार होनी थी. वैसे, राज्य के कांग्रेस नेताओं ने थरूर के न होने को ज्यादा तवज्जो नहीं दी. कहा जाने लगा कि थरूर नाराज हैं. एक बार फिर वह खुद को ‘गैरजरूरी’ महसूस कर रहे हैं जबकि थरूर कांग्रेस अध्यक्ष के चुनाव में खरगे के खिलाफ खड़े हुए थे.

राहुल ने थरूर से क्या कहा

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मीडिया रिपोर्टों की मानें तो बैठक में राहुल गांधी ने थरूर से कहा कि पार्टी को उनकी बहुत जरूरत है. उन्हें भरोसा भी दिलाया कि केरल में कांग्रेस के सभी अहम फैसलों में उन्हें भरोसे में लिया जाएगा मतलब उनसे पूछकर ही निर्णय लिए जाएंगे. अंदरखाने से बताया जा रहा है कि तीन नेताओं की इस मीटिंग में ज्यादातर बात राहुल ने ही की. 

यह भी तय किया गया कि केरल विधानसभा चुनाव के लिए कांग्रेस के नेतृत्व वाले गठबंधन UDF के लिए प्रचार जोरशोर से किया जाएगा. कांग्रेस के एक सूत्र के हवाले से रिपोर्टों में कहा गया है कि राहुल गांधी ने थरूर से कहा कि कांग्रेस को मिलकर काम करना है और केरल जीतना है. 

संसद भवन में खरगे के दफ्तर में यह बैठक हुई. थरूर के कुछ करीबियों ने मीडिया को बताया कि सारे मामले सुलझ गए हैं. साफ है 2 घंटे मीटिंग के बाद उपजी मुस्कुराहट के अपने मायने हैं. 

मीटिंग के बारे में क्या-क्या पता चला

– थरूर पार्टी में जिन मुद्दों पर असहज है, उन पर खुलकर बात की गई. 
– शायद थरूर ने कोच्चि में हाल ही में हुई उस महापंचायत का जिक्र किया जिससे वह ‘अपमानित’ महसूस कर रहे थे. इसका उद्घाटन राहुल गांधी ने किया था.  राहुल ने बोलते समय मंच पर बैठे कई नेताओं के नाम लिए लेकिन थरूर का नहीं. 
– थरूर ने केरल की प्रभारी दीपा दासमुंशी और कांग्रेस महासचिव (संगठन) के सी वेणुगोपाल को अपनी नाराजगी से अवगत करा दिया था. 
– बताते हैं कि राहुल ने उनसे कहा कि जो हुआ, उसे भूल जाइए…. कांग्रेस के लिए केरल जीतना जरूरी है. पार्टी लीडरशिप आपके योगदान के बारे में जानती है. बताते हैं कि यह मीटिंग वेणुगोपाल ने ही करवाई थी जिससे दूरियां मिटाई जा सकें. अभी थरूर को एक बागी की तरह समझा जाने लगा था. यह केरल में पार्टी के भविष्य के लिए ठीक नहीं था. 
– क्या केरल के CM उम्मीदवार पर कोई चर्चा हुई? थरूर का बयान मीडिया में आया है- नहीं, वह कभी मुद्दा ही नहीं था. मुझे किसी भी चीज के लिए उम्मीदवार बनने में दिलचस्पी नहीं है. 

थरूर कांग्रेस के लिए बेहद जरूरी?

दरअसल, आगे जहां विधानसभा चुनाव होने हैं उसमें केरल राज्य ऐसा है जहां कांग्रेस को उम्मीद दिख रही है. तमिलनाडु में कांग्रेस छोटी पार्टी है. बंगाल में ममता और भाजपा के बाद उसका नंबर आता है. असम में हिमंता बिस्वा सरमा के सामने कांग्रेस को फाइटल करनी होगी.