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Sunetra Pawar: महाराष्ट्र में शनिवार को डिप्टी सीएम का पद भरने की तैयारी पूरी है और सुनेत्रा पवार के शपथ लेने की संभावना जताई जा रही है. हालांकि  इसके साथ ही राज्य सरकार में डिप्टी सीएम का खाली पद तो भर जाएगा, लेकिन राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के भविष्य को लेकर कई बड़े सवाल अब भी बने रहेंगे. शपथ ग्रहण के बाद खास तौर पर दो मुद्दों पर राजनीतिक गलियारों की नजर टिकी रहेगी.

1. पार्टी में निर्णय लेने की वास्तविक ताकत किसके हाथ में होगी?

2. क्या एनसीपी के दोनों गुटों का भविष्य में विलय संभव होगा? 

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सबसे पहला सवाल यह है कि सुनेत्रा पवार के डिप्टी सीएम बनने के बाद एनसीपी (अजित पवार गुट) के अहम फैसले कौन लेगा. अजित पवार के आकस्मिक निधन के बाद पार्टी नेतृत्व को लेकर अनिश्चितता की स्थिति बनी हुई है. सुनेत्रा पवार के पास डिप्टी सीएम का पद होगा, लेकिन संगठनात्मक फैसलों और राजनीतिक रणनीति की कमान किसके हाथ में रहेगी, यह अभी साफ नहीं है. पार्टी के भीतर यह चर्चा भी है कि क्या सुनेत्रा पवार केवल सरकार में प्रतिनिधित्व करेंगी या फिर पार्टी के फैसलों में भी उनकी भूमिका निर्णायक होगी.

दूसरा बड़ा सवाल एनसीपी (अजित पवार) और एनसीपी (शरद पवार) के बीच संभावित विलय को लेकर है. 2023 में अजित पवार के अपने चाचा शरद पवार से अलग होकर पार्टी तोड़ने के बाद एनसीपी दो गुटों में बंट गई थी. अब अजित पवार के निधन के बाद दोनों गुटों के फिर से एक होने की अटकलें तेज हो गई हैं. हालांकि, इस पर अभी तक कोई औपचारिक घोषणा नहीं हुई है, लेकिन पार्टी सूत्र मानते हैं कि आने वाले समय में इस दिशा में बातचीत हो सकती है.

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यदि दोनों गुटों का विलय होता है, तो तीसरा और सबसे जटिल सवाल नेतृत्व को लेकर होगा. एकजुट एनसीपी का सबसे बड़ा चेहरा कौन होगा. शरद पवार, सुप्रिया सुले, सुनेत्रा पवार या कोई अन्य नेता. यह तय करना आसान नहीं होगा. इसके साथ ही यह भी स्पष्ट करना होगा कि एकीकृत पार्टी सत्ता पक्ष के साथ रहेगी या विपक्षी गठबंधन का हिस्सा बनेगी.

जानिए कौन हैं सुनेत्रा पवार

सुनेत्रा पवार का राजनीतिक सफर भी इन चर्चाओं में है. 1985 में अजित पवार से विवाह करने से पहले से ही सुनेत्रा पवार राजनीति परिवार का हिस्सा रही है. उनके पिता बाजीराव पाटिल एक प्रभावशाली स्थानीय नेता थे. हालांकि, लगभग चार दशकों तक सुनेत्रा पवार सक्रिय राजनीति से दूर रहीं और पर्दे के पीछे रहकर निर्णयों में भूमिका निभाती रहीं. 2024 में उन्होंने पहली बार चुनावी राजनीति में कदम रखा और बारामती से सुप्रिया सुले के खिलाफ चुनाव लड़ा, लेकिन भारी अंतर से हार गईं. इसके बाद वे राज्यसभा पहुंचीं.

अजित पवार की विमान हादसे में मृत्यु ने हालात फिर बदल दिया. 62 वर्षीय सुनेत्रा पवार के सामने अब न केवल निजी दुख से उबरने की चुनौती है, बल्कि पार्टी और सरकार दोनों में बड़ी जिम्मेदारी निभाने की परीक्षा भी है. शनिवार शाम करीब 5 बजे उनके शपथ लेने की संभावना है. एनसीपी नेताओं का कहना है कि पार्टी इस फैसले पर एकजुट है. 

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डिप्टी सीएम की जिम्मेदारी सुनेत्रा पवार को सौंपी जानी चाहिए: छगन भुजबल

एनसीपी नेता और महाराष्ट्र सरकार में मंत्री छगन भुजबल ने शुक्रवार को कहा था कि पार्टी के भीतर बड़ी संख्या में नेताओं की राय है कि उपमुख्यमंत्री पद की जिम्मेदारी सुनेत्रा पवार को सौंपी जानी चाहिए. उन्होंने कहा कि यह मांग अनुचित नहीं है, क्योंकि डिप्टी सीएम का पद फिलहाल रिक्त है और सुनेत्रा पवार उसे संभालने में सक्षम हैं.

भुजबल के अनुसार, शनिवार को होने वाली बैठक का मुख्य उद्देश्य विधायक दल के नेता का चुनाव करना है. इस बीच, एनसीपी के कार्यकारी अध्यक्ष प्रफुल पटेल ने भी स्पष्ट किया कि इस मुद्दे पर पार्टी पूरी तरह एकजुट है और नेतृत्व को लेकर कोई मतभेद नहीं है.