Two-child policy in Sarpach election: जनसंख्या नियंत्रण को प्रोत्साहित करने के लिए देशभर की राज्य सरकारों ने पंचायतों में दो से अधिक बच्चों वाले उम्मीदवारों के चुनाव लड़ने पर रोक लगा रखी है. मामला महाराष्ट्र का है जहां टू चाइल्ड पॉलिसी यानी दो बच्चों वाले नियम के चलते एक बाप अपनी ही बेटी के लिए यमराज बन गया. दो बच्चों वाला नियम से बचने के लिए उसने अपनी जुड़वा बेटियों से एक को मार दिया. महाराष्ट्र के नांदेड़ के केरूर गांव के एक शख्स ने को ऐसे जुर्म का आरोप में गिरफ्तार किया गया है, जिसके बारे में लोग सोच भी नहीं सकते.
फितूर में बेटी को मार डाला
आरोपी को लगा कि जून में महाराष्ट्र ने पंचायत चुनाव होने जा रहे हैं. बेटी की हत्या के आरोपी 28 साल के शख्स को लगा कि उसके अंदर अपने गांव का सरपंच बनने की काबिलियत है. हालांकि उसकी इस मंशा के पूरा होने में एक पेंच फंसता दिख रहा था. महाराष्ट्र के पंचायत राज एक्ट के मुताबिक दो से ज्यादा बच्चे वाले लोग ग्रामीण लोकल बॉडी यानी पंचायत का चुनाव नहीं लड़ सकते. इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक उसने अपने दोस्त से इसकी चर्चा की और जब इस नियम के बारे में पता चला तो उसने गलत कदम उठा लिया.
ये भी पढ़ें- ‘भारत एक देश नहीं, सिर्फ आबादी’… पंचायत सदस्य की याचिका खारिज करते हुए HC ने दिखाई आबादी की ‘खतरनाक तस्वीर’
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक एक दिन तय करके लड़की को बाइक पर निजामसागर नहर ले जाया गया, जहां उसे हादसा दिखाने के लिए बेटी को पानी में धकेल दिया गया.
ये भी पढ़ें- 85 की उम्र, खराब मौसम; बारिश में भीगते हुए महाराष्ट्र के चाणक्य ने सतारा में दिखाया था दम, शरद पवार का इशारा- ‘टाइगर जिंदा है’
