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Bomb Blast: ओडिशा की राजधानी भुवनेश्वर में एयरफील्ड क्षेत्र स्थित एक मकान की छत पर कथित रूप से कच्चा बम तैयार करते समय हुए भीषण विस्फोट में मुख्य आरोपी और उसकी मां की मौत हो गई. जानकारी के मुताबिक, ओडिशा के भुवनेश्वर के सुंदरपड़ा आजाद नगर में यह घटना 27 जनवरी 2026 को हुई थी. घटना का एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें धमाके के बाद छत पर आग की लपटें और आसपास अफरातफरी दिखाई दे रही है. पुलिस ने फुटेज की सत्यता की जांच शुरू कर दी है.

 हिस्ट्रीशीटर था शख्स

जानकारी के अनुसार, 26 वर्षीय सहनवाज मलिक, जिसे पुलिस ने हिस्ट्रीशीटर बताया है 27 जनवरी को हुए धमाके में गंभीर रूप से झुलस गया था. इलाज के दौरान 4 फरवरी को उसकी मौत हो गई. कुछ दिनों बाद उसकी मां, 51 वर्षीय लिजातुन बीबी ने भी 10 फरवरी को कटक स्थित एससीबी मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में दम तोड़ दिया था.

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धमाके में मलिक की मंगेतर तृप्तिमयी महल (23) और अमिया मलिक (27) भी घायल हुए हैं. दोनों का भुवनेश्वर के एक निजी अस्पताल में उपचार जारी है. एयरफील्ड पुलिस थाने के एक अधिकारी ने बताया कि मलिक को काफी चोटें आई थीं और उसकी हालत बेहद गंभीर थी.

क्रूड बम तैयार कर रहा था परिवार

प्रारंभिक जांच में पुलिस को संदेह है कि छत पर एक या अधिक क्रूड बम तैयार किए जा रहे थे तभी विस्फोट हुआ. धमाका इतना शक्तिशाली था कि मामले की शुरुआती जांच के लिए एनआईए को भी शामिल किया गया. हालांकि एजेंसी ने बाद में किसी आतंकी या कट्टरपंथी लिंक से इनकार किया लेकिन यह जांच की गई कि कहीं इसके पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं थी.

फॉरेंसिक सूत्रों के मुताबिक, घटनास्थल से ऐसे संकेत मिले हैं कि संभवतः उच्च विस्फोटक से जुड़े यौगिक हेक्साहाइड्रो ट्रिनिट्रो ट्राइजीन का इस्तेमाल किया गया हो सकता है. विस्तृत रासायनिक विश्लेषण जारी है. घटना के तुरंत बाद बम निरोधक दस्ते, दमकल कर्मियों और फॉरेंसिक टीमों ने मौके पर पहुंचकर मलबा और संदिग्ध सामग्री जब्त की. तीन मंजिला किराए की इमारत में रहने वाले अन्य लोगों ने दावा किया कि उन्हें इस गतिविधि की कोई जानकारी नहीं थी. एक किरायेदार ने कहा कि धमाके से सभी की जान खतरे में पड़ गई थी.

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पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, मलिक पर हत्या के प्रयास और आर्म्स एक्ट सहित सात आपराधिक मामले दर्ज थे. वह हाल ही में एक राजनीतिक विवाद से जुड़े मामले में जमानत पर रिहा हुआ था और पुलिस निगरानी में था. अब जांच इस बात पर केंद्रित है कि विस्फोटक किस उद्देश्य से तैयार किए जा रहे थे और क्या इसमें अन्य लोग भी शामिल थे. एहतियात के तौर पर शहर के संवेदनशील इलाकों में सतर्कता बढ़ा दी गई है.