
Bhupen Kumar Borah Resigns From Congress: असम विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस को एक बड़ा झटका लगा है. जानकारी के अनुसार, राज्य कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष भूपेन कुमार बोरा ने सोमवार सुबह पार्टी से इस्तीफा दे दिया. उन्होंने बताया कि अपना त्यागपत्र कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और वरिष्ठ नेता राहुल गांधी को भेज दिया है.
#WATCH | Guwahati, Assam: After quitting Congress, Bhupen Kumar Borah says, “I don’t deem it necessary to speak on why I resigned. I have certainly resigned and sent my resignation to the high command…Whenever I think it necessary, I will call you and speak in detail…Akhil… pic.twitter.com/C0P3MwSwbf
— ANI (@ANI) February 16, 2026
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कांग्रेस नेता खुद दी इस्तीफे की जानकारी
गुवाहाटी स्थित अपने आवास के बाहर मीडिया से बातचीत में बोरा ने कहा कि मैंने सोमवार सुबह 8 बजे कांग्रेस से इस्तीफा दे दिया है. आगे कोई टिप्पणी करने से पहले पार्टी हाईकमान की प्रतिक्रिया का इंतजार करूंगा. मैं सक्रिय राजनीति में बना रहूंगा. उन्होंने यह भी कहा कि 32 वर्षों तक कांग्रेस के समर्पित कार्यकर्ता रहने के बावजूद हाल की परिस्थितियों ने उन्हें यह कदम उठाने के लिए मजबूर किया. बता दें कि भूपेन बोराह को अगस्त 2021 में राज्य कांग्रेस अध्यक्ष बनाया गया था जब भाजपा ने दूसरी बार विधानसभा चुनाव जीता था. बाद में मई 2024 में उन्हें पद से हटाकर लोकसभा सांसद गौरव गोगई को प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त किया गया था.
इस बीच आपको बता दें कि असम में आगामी विधानसभा चुनाव मार्च-अप्रैल में संभावित हैं, हालांकि तिथियों की आधिकारिक घोषणा अभी चुनाव आयोग द्वारा नहीं की गई है. ऐसे समय में बोराह का इस्तीफा कांग्रेस के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है, खासकर जब पार्टी विपक्षी दलों के साथ गठबंधन की संभावनाएं तलाश रही है. विधानसभा में कांग्रेस के नेता विपक्ष देबब्रता सैकिया ने कहा कि उन्हें इस फैसले की जानकारी बजट सत्र के दौरान मिली और वे टिप्पणी करने से पहले बोराह से बातचीत करेंगे.
कांग्रेस में बोरा की स्थिति हो गई थी कमजोर: सीएम सरमा
इस बीच, असम के मुख्यमंत्री सरमा ने कहा कि बोराह का इस्तीफा अप्रत्याशित नहीं था. उन्होंने दावा किया कि जब उन्हें अध्यक्ष पद से हटाया गया था, उसी समय यह स्पष्ट हो गया था कि पार्टी में उनकी स्थिति कमजोर हो गई है. सरमा ने यह भी संकेत दिया कि यदि बोराह भाजपा में शामिल होते हैं तो पार्टी उन्हें आगामी चुनाव में टिकट देने पर विचार कर सकती है. बोराह के इस कदम से राज्य की सियासत में नई हलचल शुरू हो गई है और आने वाले दिनों में उनके अगले राजनीतिक कदम पर सबकी नजरें टिकी रहेंगी.

