Mamata Banerjee Vs BJP: एसआईआर के मुद्दे पर वार-पलटवार के बाद अब पश्चिम बंगाल में बीजेपी और सत्ताधारी तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) चुनावों के लिए कमर कस चुकी हैं. कयास लगाए जा रहे हैं कि इस साल अप्रैल में पश्चिम बंगाल समेत चार राज्यों में चुनाव होंगे. बंगाल में सीधी लड़ाई सीएम ममता बनर्जी की टीएमसी और बीजेपी के बीच है. 294 सदस्यों की विधानसभा में पिछली बार टीएमसी को 211 और बीजेपी को 77 सीटें मिली थीं.
वोट प्रतिशत की बात यदि की जाए तो टीएमसी को 44.91% और बीजेपी को 38.15 फीसद वोट मिले थे. तकरीबन साढ़े छह प्रतिशत के इस वोट मार्जिन के कारण ही ममता बनर्जी को दो तिहाई बहुमत मिला था और बंगाल में अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन देते हुए भी भाजपा महज 77 सीटों पर रह गई थी.
बीजेपी की रणनीति
बीजेपी इस बात को जानती है कि यदि बंगाल में ममता बनर्जी को हराना है तो इस साढ़े छह फीसद में से कम से कम 3.5 प्रतिशत वोट उसको अपने पाले में लाने होंगे. राजनीतिक विश्लेषकों के मुताबिक जब आमने-सामने की लड़ाई होती है तो दो-तीन प्रतिशत का अंतर बदलाव में निर्णायक भूमिका निभाता है.
क्या करेगी बीजेपी
बीजेपी ने इस वोट मार्जिन को पाटने के लिए त्रिस्तरीय रणनीति बनाई है. पार्टी ने सीटों को ए, बी और सी कैटेगरी में विभाजित करते हुए 160 सीटों को जीतने का लक्ष्य बनाया है.
1. ए कैटेगरी में पार्टी की पिछली बार जीती गईं 77 सीटें शामिल हैं. पार्टी इन सीटों को अपनी ताकत मानते हुए इन पर पकड़ बनाए रखने का काम करेगी.
2. बी कैटेगरी में पार्टी ने ऐसी करीब 50 सीटों को चिन्हित किया है जहां उसको लगता है कि वो टीएमसी को सीधी टक्कर दे सकती है और उलटफेर कर सकती है.
3. सी कैटेगरी में भी करीब 50 ऐसी सीटें हैं जहां पार्टी रणनीतिक लड़ाई लड़ेगी.
रोडमैप है तैयार
इस आधार पर बीजेपी ने 160 सीटों को जीतने का लक्ष्य बनाया है. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक पार्टी इन सीटों की पहचान कर चुकी है और यहीं पर सबसे ज्यादा फोकस करेगी. इसको इस तरह भी समझा जा सकता है कि बीजेपी ने अपनी प्रस्तावित रथ यात्रा का मार्ग ऐसा बनाया है जिसमें उसके प्रभाव वाली पौने दो सीटों को कवर किया जा सके.
पिछले साल संघ प्रमुख मोहन भागवत के दौरे के बाद से ही बीजेपी ने बंगाल में जमीनी स्तर पर चुनावी बिसात बिछानी शुरू कर दी थी. यानी काफी पहले से ही बीजेपी चुनावी अभियान में लगी है. बीजेपी अपनी रथयात्रा और रणनीति के माध्यम से बंगाल में ये संदेश इस बार देने का प्लान बना चुकी है कि अबकी बार ममता बनर्जी हार रही हैं. यदि लोगों में ये भावना आ गई तो बदलाव की इच्छा वाले लोग बीजेपी के पाले में आ सकेंगे.
