उद्धव ठाकरे की शिवसेना के नेता संजय राउत अक्सर बीजेपी पर निशाना साधते रहते हैं लेकिन इस बार उनके टारगेट पर इंडिया गठबंधन है. उनकी पार्टी महाराष्ट्र में महा विकास अघाड़ी और केंद्र स्तर पर विपक्षी इंडिया ब्लॉक का हिस्सा है. मुंबई में पत्रकारों से बात करते हुए अबकी बार उन्होंने इंडिया ब्लॉक की कार्यशैली पर सवाल खड़े किए. उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि इंडिया ब्लॉक केवल लोकसभा चुनाव के समय सक्रिय दिखता है. उससे पहले किसी के बीच कोई बातचीत नहीं होती. इस गठबंधन के नेता या दल क्या कर रहे हैं किसी को पता ही नहीं चलता. उन्होंने ये भी कहा कि केवल संसद में मुद्दे उठाने से कुछ नहीं होगा, जनता के बीच भी रहना होगा.
उन्होंने जोर देकर कहा कि सिर्फ पार्लियामेंट के अंदर मुद्दे उठाना काफी नहीं है, खासकर तब जब विपक्षी नेताओं को दिक्कतों का सामना करना पड़ता है. कांग्रेस नेता राहुल गांधी का जिक्र करते हुए राउत ने कहा, ‘वे राहुल गांधी को पार्लियामेंट में बोलने भी नहीं देते. सो, क्या हम बाहर कुछ कर सकते हैं?’
उन्होंने आगे कहा कि अलायंस को चौकन्ना रहना चाहिए और अपनी पार्टियों के बीच रेगुलर बातचीत पक्की करनी चाहिए. राउत ने कहा, “महीनों यहां तक कि सालों तक वे किसी से बात नहीं करते. हम चाहते हैं कि INDIA ब्लॉक सिर्फ लोकसभा चुनाव से पहले ही नहीं, बल्कि उससे भी पहले एक्टिव रहे.’
अलायंस में लीडरशिप में होने वाले बदलावों पर चर्चा करते हुए राउत ने कहा, “किसी ने सुझाव दिया है कि ममता बनर्जी को INDIA ब्लॉक को लीड करना चाहिए. दूसरे का कहना है कि स्टालिन को करना चाहिए. यह उनकी पर्सनल राय है,” उन्होंने आगे कहा कि अगर ऐसे मामलों पर विचार-विमर्श करना है, तो अलायंस की एक फॉर्मल मीटिंग बुलाई जानी चाहिए.
राउत ने कहा कि गठबंधन को सिर्फ़ आम चुनाव से पहले ही नहीं, बल्कि पूरे पॉलिटिकल दौर में एक्टिव रहना चाहिए. उन्होंने किसानों की परेशानी, कानून-व्यवस्था और मणिपुर के हालात समेत कई ज़रूरी चिंताओं की ओर इशारा किया, जिन पर मिलकर काम करने की जरूरत है. उन्होंने कहा, “देश में बहुत सारी दिक्कतें हैं… अमेरिका के साथ हुई डील का नतीजा यह होगा कि देश के किसान मरेंगे, आत्महत्या करेंगे और भूखे मरेंगे. लेकिन INDIA ब्लॉक के सिर्फ पार्लियामेंट में आवाज उठाने से काम नहीं चलेगा.”
