
Jammu-Kashmir: जम्मू-कश्मीर में 1 जनवरी 2026 से अब तक आतंकवादियों ने सुरक्षा बलों पर हमला करने के इरादे से 6 बार IED लगाए हैं, लेकिन हर बार योजना नाकाम कर दी गई. जम्मू और कश्मीर में सुरक्षा बलों ने हाल के महीनों में इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (IED) को बेअसर करने के प्रयासों को काफी तेज कर दिया है, जिसमें आतंकवादी हमलों को नाकाम करने के लिए कई डिवाइस का पता लगाया गया और उन्हें नष्ट कर दिया गया.
IED को किया डिफ्यूज
ऐसा ही एक हमला पिछली रात नाकाम कर दिया गया जब सुरक्षा बलों ने बारामूला के आजाद गंज जानबाजपोरा इलाके में श्रीनगर-बारामूला राजमार्ग पर IED का पता लगाकर उसे डिफ्यूज कर दिया. रात की पेट्रोलिंग के दौरान भारतीय सेना की RR यूनिट्स के डॉग स्क्वायड ने IED का पता लगाया जो सड़क किनारे एक गड्ढे में पॉलीटीन बैग में लपेटकर रखी गई थी. यह आतंकी ग्रुप्स की तरफ से श्रीनगर से बारामुल्ला या कुपवाड़ा जाने वाली फोर्स के काफिले पर हमला करने की छठी कोशिश थी. बम डिस्पोजल स्क्वॉड (BDS) की तेज कार्रवाई की वजह से इन डिवाइस को बिना किसी नुकसान या कैजुअल्टी के मौके पर ही नष्ट कर दिया गया.
टाली बड़ी घटनाएं
इससे पहले 18 फरवरी, 2026 को श्रीनगर-बारामुल्ला हाईवे पर नरबल के पास एक ब्रीफकेस में रखे IED को बेअसर किया गया था. 11 फरवरी को सोपोर में एक IED को नष्ट किया गया. 20 जनवरी, 2026 को श्रीनगर-बारामुल्ला हाईवे पर पट्टन के तकिया टापर में एक IED बरामद करके नष्ट कर दिया गया. 15 जनवरी, 2026 को: राजौरी जिले के काकोरा गांव के जंगल वाले इलाके में 3 kg का IED बरामद करके उसे डिफ्यूज किया गया. 4 जनवरी 2026 को LoC केरन सेक्टर में एक ड्रोन से गिराए गए 2 kg IED को बम डिस्पोजल स्क्वॉड ने नष्ट कर दिया.
आतंकियों का टारगेट
बता दें कि आतंकवादी सुरक्षा काफिलों को निशाना बनाने की कोशिश कर रहे हैं, खासकर श्रीनगर-बारामूला हाईवे उनका अहम टारगेट है. हाल ही में मिली IED में पॉलीटीन बैग और प्रेशर कुकर में छिपाकर रखे गए IED शामिल हैं। IED प्लांट करने की घटनाओं में बढ़ोतरी के कारण सुरक्षा बलों ने पेट्रोलिंग और इलाके में दबदबा बढ़ा दिया है, खासकर श्रीनगर और बारामूला-कुपवाड़ा हाईवे और कश्मीर-जम्मू हाईवे पर.

