
‘केरल स्टोरी पार्ट-2’ फिल्म रिलीज होने से पहले ही विवादों में घिर गई है. सेंसर सर्टिफिकेट रद्द करने की मांग की गई तो केरल हाई कोर्ट ने CBFC (केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड) और फिल्म निर्माताओं को नोटिस जारी कर दिया. आरोप है कि इस फिल्म में पूरे राज्य को बदनाम करने का प्रयास किया गया है. बताया जा रहा है कि फिल्म में एक सीन है जिसमें एक मुस्लिम परिवार जबरन बीफ खिलाता दिखाई देता है. 27 फरवरी को फिल्म रिलीज होनी है. इससे पहले फिल्म का विरोध करने के लिए कुछ लोगों ने ‘बीफ फेस्टिवल’ मनाया तो विवाद बढ़ गया. कुछ मुस्लिम नेताओं ने ही बीफ पार्टी का विरोध किया है. इस फिल्म को लेकर समाज दो हिस्सों में बंटा दिख रहा है.
हिंदी फिल्मों में विलेन का रोल करने वाले एक्टर प्रकाश राज ने सोशल मीडिया पर चार तस्वीरें शेयर की हैं. उन्होंने लिखा कि असली केरल स्टोरी यह है कि कैसे पोर्क, बीफ, मछली और शाकाहारी लोग साथ में मिलजुलकर रहते हैं. उनका इशारा यह था कि केरल में अलग-अलग चीजें खाने वाले लोग हंसी-खुशी रहते हैं. इस फिल्म को कामाख्या नारायण सिंह ने डायरेक्ट किया है. अनुराग कश्यप ने इसे प्रॉपगेंडा फिल्म बता दिया तो कामाख्या नारायण ने कह दिया कि अनुराग मानसिक रूप से दुर्बल हो चुके हैं.
The real #KeralaStory is how pork, beef and fish coexist with vegetarian sadya and all of them live in harmony. Please relish #justasking happy Sunday everyone pic.twitter.com/Ea2JCPd6n6
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— Prakash Raj (@prakashraaj) February 22, 2026
गंभीर सवाल यह है कि फिल्म अच्छी है या नहीं, प्रॉपगेंडा है या नहीं… यह डिबेट हो रही थी तो ‘बीफ’ को बीच में लाकर क्या जानबूझकर उकसाने की कोशिश हो रही है? केरल में खासतौर से एसएफआई को पता है कि बीफ नॉर्थ इंडिया विशेष रूप से गुजरात से लेकर बिहार तक में बैन है. वहां बीफ का नाम भी लोग नहीं लेते हैं. फिर किस मकसद से बीफ पार्टी को विरोध का प्रतीक बनाया जा रहा है?
दरअसल, केरल में जन्मे लेफ्ट संगठन स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (SFI) ने इस बीफ फेस्ट का आयोजन किया था और वह लगातार ऐसे इवेंट करता आ रहा है. हालांकि केरल की पार्टी इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग ने इस विरोध को लोगों की भावनाएं भड़काने वाला करार दिया है. पार्टी के नेता पीएमए सलाम ने कहा कि मुस्लिम वोटरों को लुभाने के लिए यह एक सस्ता हथकंडा है. उन्होंने सवाल किया कि बीफ और मुसलमानों में क्या कनेक्शन है? SFI का तर्क है कि फिल्म में बीफ वाले सीन का विरोध करने के लिए इस तरह से बीफ फेस्टिवल किया गया. अब फिल्म का ट्रेलर देखिए.
Trailer of KERALA STORY 2.
The film is inspired by many true events.
Do share widely pic.twitter.com/P5oIL2jzqE— Madhu Purnima Kishwar (@madhukishwar) February 19, 2026
सलाम ने कहा है कि इस तरह के आयोजन से भाजपा को ही फायदा हो जाता है. जो बीफ नहीं खाना चाहते हैं, उन्हें कोई मजबूर नहीं करता.
केरल में बीफ खाने की खुली छूट
पिछले एक दशक में कई ऐसे मौके आए हैं जब केरल में बीफ फेस्टिवल मनाया गया. दरअसल, राज्य में बीफ पर कोई बैन नहीं है. पिछले साल अगस्त के महीने में जब कोच्चि में एक बैंक की शाखा में रीजनल मैनेजर ने ऑफिस कैंटीन में बीफ बैन कर दिया तो कर्मचारियों ने विरोध के तौर पर ब्रांच के बाहर बीफ और पराठा खाया और खिलाया. मैनेजर साहब बिहार से ट्रांसफर होकर गए थे. यहां अक्सर इस बात पर विरोध होता है कि क्या खाना है, क्या नहीं खाना है यह व्यक्तिगत स्वतंत्रता का मामला है. इसे थोपा नहीं जा सकता.
केरल के सीएम विजयन भी फिल्म के विरोध में बोले हैं. उन्होंने कहा कि यह बात चौंकाने वाली है कि कैसे सांप्रदायिक विवाद को भड़काने के लिए मनगढ़ंत कहानियों पर फिल्म बनाने की खुली छूट मिल जाती है. सीएम ने कहा कि हमें अपने स्टेट को ‘टेरर हब’ दिखाने की इन कोशिशों के खिलाफ एकजुट होना चाहिए.
फिल्म केरल स्टोरी का पहला पार्ट 2023 में आया था तब भी कई राज्यों में विरोध हुआ था. बंगाल में इस पर बैन लगा दिया गया था. अब फिर विवाद बढ़ रहा है.
