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Priyanka Vadra Assam Visit: असम में चुनावी तारीखों का ऐलान होने के पहले कांग्रेस (INC) के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष और बड़े कद्दावर नेता भूपेन बोरा (Bhupen Borah) के इस्तीफे ने कांग्रेस को हिला दिया है. असम प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष गौरव गोगोई और उनकी पत्नी का पाकिस्तान कनेक्शन उजागर करके, मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने राष्ट्रवाद की पिच पर कांग्रेस को क्लीन बोल्ड कर दिया है. असम कांग्रेस में फिलहाल सन्नाटा और चुप्पी छाई है. असम की सियासत की समझ रखने वालों का मानना है कि भूपेन बोरा बीजेपी में शामिल होंगे, तब उनके साथ कुछ और बड़े चेहरे, भारतीय जनता पार्टी ज्वाइन कर सकते हैं. ऐसा हुआ तो ये कांग्रेस के लिए किसी बड़े भूचाल से कम नहीं होगा.

प्रियंका का असम दौरा

जानकारों का मानना है कि राहुल गांधी के करीबी गौरव गोगोई असम कांग्रेस में किसी से सलाह किए बगैर मनमानी फैसले ले रहे हैं. ऐसे में किसी बड़े संभावित पॉलिटिकल डैमेज को रोकने के लिए कांग्रेस आलाकमान ने अपने सौम्य चेहरे यानी प्रियंका गांधी को आगे करके असम कांग्रेस में अंदरखाने मची उथल-पुथल थामने की कोशिश की है. 

इसी सिलसिले में कांग्रेस महासचिव और केरल की वायनाड सीट से लोकसभा सांसद प्रियंका वाड्रा असम दौरे पर हैं. गुरुवार को उन्होंने कामाख्या मंदिर जाकर दर्शन किए. मंदिर से निकलने के बाद भले ही उन्होंने कोई राजनीतिक बयान न दिया हो, लेकिन उनके देवी दर्शन के सियासी मायने जरूर निकाले जा रहे हैं.  

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प्रियंका गांधी ने कहा- ‘मौका चुनाव का है. लेकिन मैं अभी कोई राजनीतिक बात नहीं करूंगी. यहां असम की सभ्यता और संस्कृति का सम्मान करते हुए माता का आशीर्वाद लेने यहां आई हूं, क्योंकि लाखों लोगों की आस्था कामाख्या देवी से जुड़ी हुई है. मंदिर में प्रार्थना करने के बाद मुझे बहुत अच्छा लग रहा है. यहां मैं किसी राजनीतिक बात के बारे में नहीं बोलूंगी, आपके सवालों का जवाब मैं कल या जब आपसे मिलूंगी तब दूंगी’.

प्रियंका के दौरे की जरूरत क्यों पड़ी?

  • BJP की अगुवाई वाला एनडीए गठबंधन लगातार 10 साल से सत्ता पर काबिज है.
  • बीजेपी यहां लंबे समय से जीत की हैट्रिक लगाने के लिए काम कर ही है.
  • 2021 के विधानसभा चुनाव में BJP ने लगातार दूसरा टर्म जीतकर विपक्ष को चारों खाने चित कर दिया था.