

Bihar Politics: बिहार में दूसरी बार महागठबंधन की सरकार बन गई है. नीतीश कुमार ने एक बार फिर मुख्यमंत्री की शपथ ले ली है, जबकि RJD नेता तेजस्वी यादव उप मुख्यमंत्री बनाए गए हैं. अब सबकी नजर मंत्रिमंडल विस्तार पर है. इधर दलों में मंत्रियों को लेकर मंथन का दौर जारी है. इस दौरान कहा जा रहा है कि दोनों दल मंत्रिमंडल में जहां क्षेत्रीय संतुलन को बनाए रखेंगे, वहीं जातीय समीकरण को भी साधने की कोशिश करेंगे. सूत्रों का मानना है कि RJD कोटे से सबसे अधिक मंत्री बनाए जाएंगे, इसके लिए संभावित नामों की सूची पार्टी अध्यक्ष लालू प्रसाद के पास भेजी जाएगी, जहां अंतिम मुहर लगेगी.
ए टू जेड नीति के तहत बनेगा मंत्रिमंडल
माना जा रहा है कि नई सरकार में यादव, अति पिछड़े और अल्पसंख्यक समुदाय से आने वाले मंत्रियों की संख्या ज्यादा हो सकती है. वैसे, RJD मंत्रिमंडल विस्तार में ‘ए टू जेड’ नीति के तहत मंत्रिमंडल में सवर्णों को भी RJD कोटे से मंत्री बनाया जा सकता है. सूत्रों का कहना है कि JDU कोटे से मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को छोड़ 12 मंत्री होंगे जबकि RJD कोटे से उपमुख्यमंत्री तेजस्वी प्रसाद यादव को छोड़ 15 मंत्री शपथ लेंगे. कांग्रेस को चार मंत्रीपद मिलने की संभावना है, जबकि हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा (HAM) से एक मंत्री होगा.
नए चेहरों को मिल सकता है मौका
JDU समर्थित निर्दलीय इकलौते विधायक को भी मंत्री बनाया जा सकता है. माना जा रहा है कि 16 अगस्त को मंत्रिमंडल का विस्तार किया जा सकता है. सूत्र बताते हैं कि नीतीश सरकार के नए मंत्रिमंडल में कई ऐसे चेहरे शामिल होंगे, जिन्हें अब तक मंत्री बनने का मौका नहीं मिला है. JDU के कुछ पुराने चेहरों की छुट्टी भी हो सकती है. RJD की तरफ से कैबिनेट में शामिल होने वाले ज्यादातर नए चेहरे होंगे.
कुछ विभागों को लेकर फंसा पेंच
विभागों की बात करें तो पिछली सरकार में जो विभाग BJP कोटे के मंत्रियों के पास थी, वो विभाग RJD को मिल सकते हैं. वैसे, सूत्र बताते हैं कि कुछ विभागों को लेकर पेंच फंस गया है. महागठबंधन के एक नेता हालांकि कहते हैं कि महागठबंधन सरकार में मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर मंथन जारी है, कहीं कोई परेशानी नहीं है.
(इनपुट- आईएएनएस)
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