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Uddhav Raj Thackeray manifesto for bmc elections: बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) चुनाव को लेकर शिवसेना (UBT) और महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) ने रविवार को एक संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में अपना चुनावी घोषणापत्र लॉन्च किया. चुनावी घोषणापत्र शिवसेना भवन में लॉन्च हुआ.  विमोचन के मौके पर शिवसेना (उबाठा) प्रमुख उद्धव ठाकरे (UddhavThackeray) और महाराष्ट्र नव निर्माण सेना यानी ‘मनसे’ (MNS) अध्यक्ष राज ठाकरे (Raj Thackeray) दोनों मौजूद रहे. 

‘शिवशक्तीचा वचननामा, ठाकरेंचा’ 

ठाकरे बंधुओं ने लंबे समय बाद मंच साझा करते हुए मुंबई के लिए अपना विजन पेश किया. इस मौके पर शिवसेना भवन में राज ठाकरे की मौजूदगी खास रही. गठबंधन ने अपने घोषणापत्र को ‘शिवशक्तीचा वचननामा, ठाकरेंचा शब्द’ नाम दिया है, जिसमें मुंबई की पहचान, विकास और नागरिक सुविधाओं को केंद्र में रखा गया है.

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इससे पहले आज इसी संदर्भ में शनिवार को राज ठाकरे और संजय राउत के बीच करीब 20 मिनट तक अहम चर्चा हुई थी. इस बैठक में संयुक्त घोषणापत्र में शामिल किए जाने वाले सभी प्रमुख मुद्दों पर आखिरी रिहर्सल किया.

किसको क्या वादा

स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर गठबंधन ने बड़े वादे किए हैं. मुंबई में मौजूदा मेडिकल कॉलेजों और अस्पतालों के अलावा 5 नए मेडिकल कॉलेज शुरू करने का वादा किया गया है. उनका कहना है कि नगर पालिका के सरकारी अस्पतालों की ओपीडी क्षमता दोगुनी की जाएगी और मुंबई के सभी प्रमुख अस्पतालों में अत्याधुनिक रोबोटिक ऑपरेशन थिएटर और डिजिटल एंजियोग्राफी जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी. शताब्दी, एमटी अग्रवाल और अन्य प्रमुख अस्पतालों के निजीकरण का विरोध करते हुए उन्हें सार्वजनिक रखने का संकल्प उद्धव-राज की जोड़ी ने दोहराया है.

घोषणापत्र में बेस्ट बस सेवा को मजबूत करने, सस्ती टिकट दरों, इलेक्ट्रिक बसों की संख्या बढ़ाने और महिलाओं व छात्रों के लिए मुफ्त यात्रा जैसी घोषणाएं भी शामिल हैं. इसके साथ ही 100 यूनिट तक मुफ्त बिजली, बेहतर पार्किंग व्यवस्था, ट्रैफिक जाम से राहत और फुटपाथों को पैदल यात्रियों के अनुकूल बनाने की बात कही गई है.

दो दशक बाद शिवसेना भवन पहुंचे राज

20 साल बाद राज ठाकरे रविवार, चार जनवरी को शिवसेना भवन पहुंचे, जिसे बीएमसी चुनाव (BMC Elections) के लिहाज से एक अहम राजनीतिक घटनाक्रम माना जा रहा है. शिवसेना (UBT) और मनसे के संयुक्त घोषणापत्र से मुंबई की राजनीति में हलचल तेज हो गई.

मराठी हो या नॉन मराठी ये नैरेटिव कैसे पूरा होगा?

BMC के 227 निर्वाचन वार्ड में मराठी, उत्तर भारतीय, मुस्लिम, गुजराती-मारवाड़ी मतदाताओं की संख्या सबसे ज्यादा है. 2017 में हुए बीएमसी चुनावों में चुने गए 227 नगरसेवकों में करीब 150-155 नगरसेवक मराठी मानुष थे. वहीं करीब 72 नगरसेवक गैर मराठी यानी हिंदी पट्टी और गुजराती मूल के थे. शिवसेना के दोनों धड़ों और मनसे का फोकस मराठी मानुष पर है. बीजेपी मराठी और गैर मराठी दोनों पर फोकस बनाए है.

उद्धव ठाकरे के लिए ये ‘करो या मरो’ का सवाल है, क्योंकि ठाकरे परिवार की विरासत का आखिरी गढ़ बचाने की चुनौती है. इसलिए शिवसेना यूबीटी ने चचेरे भाई राज के साथ गठबंधन किया है. 

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