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मुंबई: चक्रवाती तूफान ताउ-ते (Syclone Tauktae) को महाराष्ट्र (Maharaashtra) से गुजरे कई घंटे बीत चुके है लेकिन अपने पीछे वो जो तबाही छोड़ गया है कि उसकी भरपाई में काफी वक्त लग जाएगा. तूफान की वजह से प्रदेश में 14 लोगों की मौत हुई है और 18 घायल हुए हैं. सूबे में 5 हजार से ज्यादा इमारतों को नुकसान पहुंचा है. बेमौसम बरसात से आम की फसल को नुकसान पहुंचा. तो सैकड़ों हेक्टेयर दूसरी फसल भी बर्बाद हो गई. 

सरकार ने लिया जायजा

महाराष्ट्र सरकार में मंत्री असलम शेख ने मुंबई के मड इलाके इलाके में तबाही का जाएजा लिया. यहां तूफान से प्रभावित महिलाओं ने रो-रो कर अपना हाल बयान किया. इस दौरान मंत्री ने ढाढ़स बढ़ाते हुए कहा सरकार उनका ख्याल रखेगी.

तूफान से कुल 14 लोगों की मौत हुई. इनमें से चार रायगढ़ जिले में, तीन ठाणे में और दो लोगों की मृत्यु पालघर में हुई है. रत्नागिरि में बिजली के तार की चपेट में आने से दो लोगों की मौत हुई जबकि जलगांव में पेड़ गिरने से दो लोगों की मौत हुई. वहीं सिंधुदुर्ग में एक शख्स की जान गई.

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रायगढ़ में इतना नुकसान

मुंबई के पड़ोसी जिले रायगढ़ की डीएम निधी चौधरी ने बताया कि यहां तूफान से सर्वाधिक नुकसान पहुंचा. जिले में करीब 5 हजार 244 घर क्षतिग्रस्त हुए तो 500 से ज्यादा बिजली के खंभे गिर गए. हापुस आम के बागों को भी बड़ा नुकसान पहुंचा है. मंत्री विजय वेट्टीवार ने कहा कि हम केंद्र को नुकसान की जानकारी देते हुए पत्र लिखेंगे. 

हापुस आमों के लिए मशहूर कोकण के रायगढ़ में ताउ-ते तुफान से भारी नुकसान हुआ है. बड़ी संख्या में आम के पेड़ उखड़ गए हैं. हजारो की संख्या में आम जमीन पर गिर गए जिसे उठाने के लिए बाग मालिकों को मजदूर लगाने पड़े. बाग मालिकों का कहना है कि तूफान से हुए नुकसान की भरपाई के लिए सरकार उनकी मदद करे.  

इन फसलों को भी नुकसान

वहीं विपक्ष के बीजेपी विधायक रामकदम ने राज्य सरकार को जल्द से जल्द रिव्यू बैठक करके लोगों को सहायता राशि पहुंचाने की मांग की है. उन्होंने कहा कि तूफान की वजह से प्रदेश में सैकड़ों हेक्टेयर फसल को नुकसान पहुंचा है. इसमें आम के अलावा काजू, पपीता, सीताफल, जामुन और सब्जियों की पैदावार भी प्रभावित हुई है.

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