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Saraswati Puja In Bihar: बिहार में पूजा करने के लिए लाइसेंस राज की शुरुआत की जा रही है. यहां पूजा के लिए अब लाइसेंस लेना जरूरी होगा. 23 जनवरी 2026 यानी शुक्रवार को देश भर में सरस्वती पूजा मनाई जाएगी. मां सरस्वती की कृपा से अज्ञानता दूर होती है, लेकिन सरस्वती पूजा को लेकर बिहार में प्रशासनिक अज्ञानता का प्रदर्शन हो रहा है. बिहार में हिंदुओं को मां सरस्वती की अराधना के लिए लाइसेंस लेना होगा. बगैर लाइसेंस के आप सार्वजनिक जगहों पर मां सरस्वती की पूजा नहीं कर सकेंगे. अगर आपने पूजा के लिए लाइसेंस नहीं लिया तो कार्रवाई होगी. अर्थव्यवस्था में लाइसेंस राज को खत्म किया जा रहा है, लेकिन हिंदुओं की आस्था में लाइसेंस राज शुरू किया जा रहा है. 

सरस्वती पूजा के लिए लाइसेंस लेना होगा 

बिहार में अगर किसी ने बिना लाइसेंस के मां सरस्वती की पूजा-अर्चना की तो पुलिस उसको छोड़ेगी नहीं. जो बिहार पुलिस पटना के गर्ल्स हॉस्टल में सुरक्षा इंतजाम करने में विफल रहती है, वो सरस्वती पूजा करने वालों पर तुरंत एक्शन लेगी. ये फैसला आस्था में प्रशासनिक दखल का स्पष्ट उदाहरण है. सरस्वती पूजा बिहार के महत्वपूर्ण त्योहारों में से एक है. स्कूल-कॉलेज के अलावा जगह-जगह चौक-चौराहों पर सरस्वती पूजा का आयोजन किया जाता है. मां सरस्वती की मूर्ति स्थापित की जाती है. सनातनधर्मी भक्ति-भाव से विद्या और ज्ञान की देवी की पूजा करते हैं. इस दौरान सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन भी किया जाता है. लेकिन प्रशासन ने नई परंपरा शुरू करते हुए इसके लिए लाइसेंस लेना जरूरी बना दिया है.

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पुलिस करेगी निगरानी 

लखीसराय जिला प्रशासन की तरफ से जारी आदेश में कहा गया है कि सभी पूजा पंडाल के लिए लाइसेंस लेना अनिवार्य होगा. बिना लाइसेंस के सार्वजनिक जगहों पर प्रतिमा स्थापित नहीं की जा सकती. नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी. बिहार के सभी 38 जिलों में इस आदेश का पालन सुनिश्चित करने के लिए थाने के स्तर पर निगरानी सेल बनाए गए हैं. सोचिए, पूजा करने के लिए भी लोगों को लाइसेंस लेना पड़ेगा. अलग-अलग तरह के लाइसेंस के बारे में आपने सुना होगा लेकिन पूजा के लिए लाइसेंस भारत में शायद ही अपने कभी सुना हो. 

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भाजपा राज में पूजा के लिए लाइसेंस 

बिहार के हिंदुओं को मां सरस्वती की मूर्ति स्थापित करने के लिए थाने के चक्कर लगाने को मजबूर कर दिया गया है. अगर किसी थानेदार को सरस्वती पूजा से ऐतराज है तो वो कानून-व्यवस्था का हवाला देकर मना भी कर सकता है.बंगाल में हिंदुओं की पूजा के दौरान कई तरह की शर्तें लगाने की शिकायत सामने आती रहती हैं. BJP उसका विरोध भी करती है. लेकिन इस बार पूजा को लेकर लाइसेंस की शर्त ऐसे राज्य में लगाई गई है जहां BJP भी सरकार में शामिल है