
Operation Trashi-1: जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ जिले में सुरक्षाकर्मियों ने ‘ऑपरेशन त्राशी-1’ के तहत आतंकियों पर प्रहार किया है. इस अभियान के दौरान शनिवार सुबह सुरक्षाबलों और आतंकवादियों के बीच मुठभेड़ हुई. भारतीय सेना के अधिकारियों ने ‘ऑपरेशन त्राशी-1’ की जानकारी दी है.
भारतीय सेना की ‘व्हाइट नाइट कॉर्प्स’ ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर जानकारी दी कि चल रहे ‘जॉइंट ऑपरेशन त्राशी-1’ के दौरान 31 जनवरी की सुबह डोलगाम इलाके में व्हाइट नाइट कॉर्प्स, जम्मू कश्मीर पुलिस और सीआरपीएफ के जवानों ने आतंकवादियों से फिर से संपर्क साधा. ऑपरेशन को अंजाम देने के लिए सभी सोर्स से मिली इंटेलिजेंस को कोऑर्डिनेट किया गया था. इलाके को घेर लिया गया है और ऑपरेशन जारी है.
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Operation Trashi-I
During the ongoing joint Operation TRASHI-I, contact with terrorists was re-established in the early hours of 31 Jan 2026, in the general area of Dolgam by troops of #WhiteKnightCorps, @jmukmrpolice and #CRPF.…
— White Knight Corps (@Whiteknight_IA) January 31, 2026
इंटरनेट सेवाएं को इलाके में किया गया था निलंबित
इससे पहले, शुक्रवार को सुरक्षा एहतियात के तौर पर अधिकारियों ने डोलगाम मुठभेड़ स्थल सहित बड़े इलाके में मोबाइल इंटरनेट सेवाएं निलंबित कर दीं. बता दें कि 18 जनवरी को किश्तवाड़ के चतरू के उत्तर-पूर्व में सोनार के सामान्य इलाके में तलाशी अभियान के दौरान सुरक्षाकर्मियों और आतंकियों के बीच कई घंटों तक मुठभेड़ चली थी. गोलीबारी में सेना का एक पैराट्रूपर शहीद हो गया.
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शहीद पैराट्रूपर को श्रद्धांजलि देते हुए सेना ने 19 जनवरी को ‘एक्स’ पर पोस्ट किया कि जीओसी, व्हाइट नाइट कॉर्प्स और सभी रैंक स्पेशल फोर्सेज के हवलदार गजेंद्र सिंह को श्रद्धांजलि देते हैं, जिन्होंने 19 जनवरी की रात चल रहे ऑपरेशन त्राशी-1 के दौरान सिंगपुरा इलाके में एक आतंकवाद विरोधी ऑपरेशन को बहादुरी से अंजाम देते हुए सर्वोच्च बलिदान दिया.
सेना ने लिखा कि हम उनके अदम्य साहस, वीरता और कर्तव्य के प्रति निस्वार्थ समर्पण का सम्मान करते हैं और दुख की इस घड़ी में शोक संतप्त परिवार के साथ मजबूती से खड़े हैं. 19 जनवरी के बाद सुरक्षाबलों ने आतंकवादियों का पता लगाने के लिए लगातार तलाशी अभियान जारी रखा और बारह दिनों के बाद उन्हें डोलगाम गांव में ढूंढ निकाला, जहां फिलहाल मुठभेड़ जारी है.
