
IMD Weather Update 18 January 2026: दिल्ली-एनसीआर में कई दिनों से जमी कड़ाके की ठंड आखिरकार ढीली पड़ गई है. 12 से 15 जनवरी तक जहां न्यूनतम तापमान लगातार 4 डिग्री सेल्सियस से नीचे बना हुआ था. वहीं 16 जनवरी की सुबह सफदरजंग में तापमान बढ़कर 4.3 डिग्री दर्ज किया गया. इसके साथ ही राजधानी में शीतलहर का सिलसिला औपचारिक रूप से समाप्त हो गया है. अब भारतीय मौसम विभाग और मौसम एजेंसी स्काईमेट वेदर ने 26 जनवरी तक का मौसम अपडेट जारी किया है.
ठंड का सबसे कठिन दौर गुजर गया?
हालांकि कुछ बाहरी इलाकों जैसे जाफरपुर में अभी भी ठंड का असर बरकरार है. लेकिन शहर के ज्यादातर हिस्सों में राहत महसूस की जा रही है. पीतमपुरा में न्यूनतम तापमान 8 डिग्री तक पहुंच गया. यह इस बात का संकेत है कि ठंड का सबसे कठिन दौर अब गुजर गया है.
प्राइवेट मौसम एजेंसी स्काईमेट वेदर के मुताबिक, उत्तर भारत के ऊपर एक पश्चिम विक्षोभ सक्रिय है. इसकी वजह से 18 जनवरी को बादल छाए रहने की संभावना बन रही है. बादलों की वजह से दिन का तापमान 1–2 डिग्री गिर सकता है. जबकि रात का तापमान बढ़ेगा. इससे ठंड की तीव्रता में नरमी आएगी. अनुमान है कि वीकेंड तक न्यूनतम तापमान 8 डिग्री के आसपास पहुंच सकता है. हालांकि इसके बाद हल्की गिरावट फिर देखी जा सकती है.
गणतंत्र दिवस से पहले नहीं लौटेगी शीतलहर
मौसम एजेंसी का अनुमान है कि 26 जनवरी से पहले दिल्ली में दोबारा कोल्ड वेव की वापसी नहीं होगी. हालांकि 20 जनवरी के आसपास एक सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ फिर से पहाड़ों में दस्तक दे सकता है. जिसका असर बाद में मैदानी इलाकों तक पहुंचेगा. इस सिस्टम के असर से पहाड़ों में बर्फबारी और मैदानी इलाकों में बारिश के आसार बनेंगे.
मौसम वैज्ञानिकों का अनुमान है कि 22 जनवरी के बाद दिल्ली में मौसम तेजी से करवट ले सकता है. संभावना है कि 24 से 26 जनवरी के बीच बारिश का दायरा और तीव्रता दोनों बढ़ सकते हैं. इसकी वजह से गणतंत्र दिवस समारोह प्रभावित हो सकते हैं. कर्तव्य पथ पर रिहर्सल और कार्यक्रमों में बाधा आ सकती है. आयोजकों को वैकल्पिक तैयारियों पर विचार करना पड़ सकता है
पहाड़ों में सूखे मौसम पर लगेगा ब्रेक
इन सर्दियों में पहाड़ी इलाकों में मौसम अब तक सूखा-सूखा रहा है. अधिकतर इलाकों में दिसंबर लगभग सूखा रहा है. जनवरी के पहले पखवाड़े तक बर्फबारी की कमी 95–100% तक पहुंच गई. लेकिन अब राहत के संकेत मिल रहे हैं. संभावना जताई जा रही है कि 12,000 फीट से ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी हो सकती है. इसकी वजह से कश्मीर, हिमाचल और उत्तराखंड चांदी की तरह बर्फ से चमक सकते हैं.
खासकर 22 जनवरी के बाद श्रीनगर, गुलमर्ग, पहलगाम, मनाली और शिमला में भारी बर्फबारी हो सकती है. इस स्नोफॉल की वजह से राष्ट्रीय राजमार्गों पर रुकावट और उड़ानों में देरी या कैंसलेशन की समस्या भी बन सकती है. पर्यटकों के लिए यह मौसम मजेदार होगा लेकिन उन्हें आने-जाने में परेशानियों का सामना भी करना पड़ सकता है. इसके बाद जनवरी के आखिर में मौसम साफ हो सकता है.
