Sahibganj: साहिबगंज की महिला थाना प्रभारी रांची की रूपा तिर्की की मौत एक गुत्थी बन गई है. परिजनों का आरोप है कि रूपा की मौत एक हत्या है जिसे खुदकुशी का रंग देने की कोशिश की जा रही है. वहीं, मृतिका रूपा तिर्की का दाह संस्कार उसके पैतृक आवास रातू थाना क्षेत्र के डंडाई हेहल में हुआ.

दरअसल, 2018 बैच की तेजतर्रार सब इंस्पेक्टर रूपा तिर्की साहिबगंज में महिला थाना प्रभारी के रूप पर पदस्थापित थी. रूपा के संदिग्ध अवस्था में मिले शव की वजह से पूरे गांव में मातम का माहौल है. गांव में मौजूद हर शख्स की आंखें नम है तो कोई दहाड़ मार कर गांव की बेटी के जाने की तकलीफ बयां कर रहा है. वहीं, रूपा के पिता जो सीआरपीएफ में हेड कांस्टेबल है उनका आरोप है की भले ही उनकी बेटी की मौत आत्महत्या दिखाई जा रही हो लेकिन यह हत्या है और इसकी जिम्मेदार मृतिका की रूम पाटनर मनीषा कुमारी के साथ-साथ ज्योत्सना है. वहीं इस पूरे मामले में पंकज मिश्रा नामक एक शख्स पर भी रूपा तिर्की को टॉर्चर करने का आरोप लग रहा है.

मृतक महिला थाना प्रभारी की मां पद्मावती उराईन का भी रो-रोकर बुरा हाल है. उनके मुताबिक रूपा की तरक्की से उसकी बैचमेट जलती थी, इसी वजह से लगातार प्रताड़ित किया जाता था. वहीं, जिस दिन मौत की खबर आई उससे पहले रूपा ने घर में फोन कर उन्हें जानकारी दी थी कि उसने जो पानी पिया है उसमें कुछ दवा का स्वाद आ रहा है. मृतिका की मां और बहन का आरोप है की उसकी बेटी की हत्या की गई है और वह पूरे मामले की सीबीआई जांच की मांग कर रही हैं.

ये भी पढ़ें- Sahibganj: महिला थाना प्रभारी ने की आत्महत्या, जांच में जुटी पुलिस

इस मामले पर राजनीतक बयानबाजी भी तेज हो गई है. राज्यसभा सांसद समीर उरांव ने कहा कि ‘इस मामले में जिस पंकज मिश्रा का नाम आ रहा है वह बड़ी पहचान वाला है. इसीलिए उसके ही कहने पर हत्या को आत्महत्या कर रंग देने की कोशिश में पुलिस महकमा लगा है.’ समीर उरांव की सरकार से यह मांग है कि पूरे मामले की सीबीआई जांच हो साथ ही साथ चौका दोबारा मेडिकल बोर्ड का गठन कर पोस्टमार्टम कराया जाए.

वहीं, मांडर विधायक बंधु तिर्की ने थाना प्रभारी की मौत की उच्च स्तरीय जांच करने की मांग की है और कहा है कि ‘ऐसी घटना से आदिवासी समाज आक्रोशित है इसीलिए मुख्यमंत्री को संज्ञान लेकर उच्च स्तरीय जांच का आदेश देना चाहिए ताकि चीजें स्पष्ट हो पाए और दोषियों को सजा मिले.’

रातू निवासी महिला थाना प्रभारी की मौत अब एक गुत्थी बन गई है. उनके ही परिवार वालों ने इसे हत्या का अंदेशा जताया है.

वहीं, इस घटना पर मंत्री मिथलेश ठाकुर का कहना है कि ‘ये घटना घटी है, होनहार पुलिस अधिकारी की असामयिक मौत हुई है, प्रथम दृष्ट्या आत्महत्या का मामला लगता है. मर्माहत करने वाली घटना है, असमय मौत हुई है. सीएम ने भी संवेदना व्यक्त की है. जांच के निर्देश दिए गए हैं, साहेबगंज एसपी के नेतृत्व में टीम गठित है. जांच में चीजें सामने आएगी और फिर करवाई होगी. विपक्ष अपनी जिम्मेदारी निभाए. केंद्र से कोविड काल में राज्य के लिए सहयोग मांगे. केंद्र की सरकार को विपक्ष के बड़े नेता आईना दिखाएं. सीबीआई जांच सभी घटना का विकल्प नहीं है. ये सिर्फ झूठी संवेदनशीलता के लिए बयानबाजी करते हैं.’