मुंबई: कोरोना महामारी (Corona Pandemic) के खिलाफ जारी युद्ध में फिलहाल तीन हथियार ही कारगर हैं. मास्क, सोशल डिस्टेंसिंग और वैक्सीन. देश में अब तक 16,73,46,544  लोगों को जिंदगी का टीका लग चुका है. लेकिन अभी भी करोड़ों लोग कोरोना वैक्सीन (Corona  Vaccine) लगवाने के लिए अपना नंबर आने का इंतजार कर रहे हैं.

देश में 1 मई से 18 से 45 की उम्र वालों को टीका लगने की शुरुआत हो चुकी है. इसी दौरान कई राज्यों में टीकों की कमी की वजह से 18 से 44 साल के उम्र वाले लोगों के लिए टीकाकरण शुरू नहीं हो पाया है. वहीं जिन राज्यों में इसकी शुरुआत हुई है वहां भी सिर्फ गिनती के शहरों में इस एज ग्रुप के लोगों को टीका लग पा रहा है.

फिलहाल 35 से 44 साल की उम्र वालों को टीका! 

देश में एक दिन में कोविड-19 से रिकॉर्ड 4,187 लोगों की मौत होने के बाद मृतक संख्या 2,38,270 पर पहुंच गई है जबकि 4,01,078 नये मामले सामने आने के बाद संक्रमण के कुल मामले 2,18,92,676 हो गए हैं. इस बीच वैक्सीन की कमी की खबरों के बीच महाराष्ट्र सरकार एक नए प्रायोरिटी ग्रुप को पहले वैक्सीन देने पर विचार कर रही है. 

शुक्रवार को एमवीए (MVA) सरकार ने संकेत दिए हैं कि टीके की कमी और वैक्सीनेशन सेंटर पर उमड़ रही भीड़ के हालात पर काबू पाने के लिए अब सबसे पहले 35 से 44 साल की उम्र वाले लोगों को वैक्सीन देने का फैसला लिया जा सकता है.

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स्वास्थ्य मंत्री राजेश टोपे ने कहा कि सीएम उद्धव ठाकरे जल्द ही इस पर फैसला ले सकते हैं. साथ ही उन्होंने कहा कि 18-34 एज ग्रुप के लोगों को वैक्सीन तब लगेगी, जब हमारे पास पर्याप्त मात्रा में वैक्सीन उपलब्ध हो जाएगी. 

फिलहाल  इस अनुपात में टीकाकरण

गौरतलब है कि महाराष्ट्र में अभी 18 से 44 एज ग्रुप के नागरिकों को एक जिले में केवल 5 सेंटर पर वैक्सीन दी जा रही है, क्योंकि टीके की डोज की संख्या सीमित है. राज्य ने टीकाकरण अभियान की शुरुआत 300,000 कोविशील्ड डोज के साथ शुरू की और बाद में कोवैक्सिन की 4 लाख 79 हजार डोज खरीदी. महाराष्ट्र में 1 मई से अभी तक 18-44 श्रेणी में 2,15,284 नागरिकों को टीका लगाया गया है. बताते चलें कि महाराष्ट्र को केंद्र से इस सप्ताह की शुरुआत में 900,000 खुराक मिली थी.

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