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राजनांदगांव: राजनांदगांव जिले के खैरागढ़ थाना में पुलिस की प्रताड़ना से तंग आकर एक युवक द्वारा आत्महत्या किये जाने का मामला सामने आया है. मृतक युवक की पत्नि ने राजनांदगांव एसपी कार्यालय पहुंच कर न्याय की गुहार लगाई है.

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दरअसल राजनांदगांव के एसपी कार्यालय मे अपने परिजनों के साथ पहुंची खैरागढ निवासी मोनिका वाल्मिकी ने खैरागढ थाना पुलिस द्वारा उसके पति के साथ बेवजह अमानवीय तरीके से की गई मारपीट का आरोप लगाया है, जिससे वह मानसिक रुप से परेशान होकर आत्महत्या कर ली.

पति पर लगाया इलजाम
मोनिका ने बताया कि  उसका पति करण वाल्मिकी खैरागढ स्थित एस.बी.आई के एटीएम मे केयर टेकर का काम करता था. खैरागढ की शराब दुकान मे काम करने वाले अखिलेश सोनी ने शराब दुकान मे 32 लाख रुपयों का गबन कर दिया था. जिसे पुलिस ने गिरप्तार कर जेल भेज दिया,लेकिन अखिलेश सोनी ने पुलिस को झूठा बयान दिया था कि उसने 32 लाख रुपये उसके पति करण को बैंक में जमा करने दिये थे.

पति के साथ की गई मारपीट
इसी सिलसिले में खैरागढ पुलिस ने उसे दिनांक 9 मई को थाने बुलाया और पति के साथ वह खुद भी थाने गई थी. जहां बिना कोई सवाल किये थाने मे मौजूद एसआई मनीष शेंडे, एएसआई अनाराम साहू और अन्य सिपाहियों ने उसके पति के साथ बेरहमी से पिटाई शुरू कर दी. 

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मानसिक रुप से परेशान आत्महत्या की
मोनिका ने बताया कि पिटाई के बाद घायल करण को पुलिस वाले खुद अस्पताल लेकर गये थे. इसके बाद करण मानसिक रूप से परेशान रहने लगा था और उसने 17 मई को आत्महत्या कर ली. 

न्याय की गुहार लगाई
मोनिका ने अपने लिखित शिकायत में ये भी कहा हैं कि खुदकुशी से पहले करण ने सुसाइड नोट भी लिखा था, जिसे पुलिस वालो ने दबा दिया. मोनिका अपने पति की मौत का जिम्मेदार खैरागढ थाने के टीआई नासिर बाठी, एसआई मनीष शेंडे और अन्य सिपाहियों को मानती है. एसपी को लिखित में नामजद शिकायत कर न्याय की गुहार लगाई है. वहीं मामले मे राजनांदगांव के अतिरिक्त पुलिस अधिक्षक जेपी बढई ने पीड़िता मोनिका वाल्मिकी को जांच कर कार्यवाही करने का आश्वासन दिया है.

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