
पाकिस्तान में अल्पसंख्यकों की स्थिति लंबे समय से गंभीर चिंता का विषय रही है. वहां पर नाबालिग अल्पसंख्यक लड़कियों के जबरन धर्म परिवर्तन और विवाह के मामले सामने आते रहे हैं. इसके अलावा ईशनिंदा कानूनों के नाम पर भीड़ द्वारा पीट-पीटकर हत्या जैसी घटनाएं भी अक्सर सुर्खियों में रहती हैं, जिन पर अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संगठनों ने भी सवाल उठाए हैं. अब भारत ने पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय द्वारा भारतीय अल्पसंख्यकों को लेकर की गई टिप्पणी पर करारा जवाब दिया है.
पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता द्वारा दिए गए बयान पर भारत सरकार ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है. विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने पाकिस्तान की टिप्पणियों को सिरे से खारिज करते हुए कहा, ‘आरोप-प्रत्यारोप से तथ्य नहीं छिपाए जा सकते. उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि जिस देश का इस तरह के मामलों में रिकॉर्ड बेहद खराब रहा हो, उसकी कथित टिप्पणियां अपने आप ही उसकी सच्चाई उजागर कर देती हैं.’ रणधीर जायसवाल ने आगे कहा कि पाकिस्तान को दूसरों पर सवाल उठाने से पहले अपने यहां अल्पसंख्यकों की सुरक्षा, कानून-व्यवस्था और मानवाधिकारों की स्थिति पर गंभीरता से आत्ममंथन करना चाहिए. भारत में सभी नागरिकों को संविधान के तहत समान अधिकार प्राप्त हैं और किसी भी तरह की हिंसा या अव्यवस्था से सख्ती से निपटा जाता है.
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