
DNA: अब हम..देश के नए अंडरवर्ल्ड का DNA टेस्ट करेंगे. और आपको दिखाएंगे कि कैसे..इस नए अंडरवर्ल्ड में ऑनलाइन भर्ती की जा रही है. और किस तरह, उत्तर प्रदेश को अंडरवर्ल्ड में रिक्रूटमेंट का सबसे बड़ा सेंटर बनाया जा रहा है. ये खबर यूपी समेत पूरे देश के लिए खतरनाक है. अपराध की दुनिया का सरगना बनने की ख्वाहिश रखनेवाला लॉरेंस बिश्नोई देश के कानून व्यवस्था के लिए खतरा बन रहा है. लॉरेंस जेल में बंद है लेकिन उसके गुर्गे मुंबई से लेकर कनाडा तक लोगों को डरा रहे हैं, फायरिंग और हत्या कर रहे हैं. आज हम लॉरेंस के डर और दहशत वाले उस नेटवर्क को डिकोड करेंगे..जिसमें यूपी के कट्टेबाजों का योगदान सबसे ज्यादा है.
1 फरवरी को मुंबई में फिल्म निर्देशक रोहित शेट्टी के घर हुई फायरिंग के मामले में पुलिस ने अब तक 12 बदमाशों को गिरफ्तार किया है. 5 गैंगस्टर की गिरफ्तारी पुणे से हुई थी. 24 घंटे पहले उत्तर प्रदेश और हरियाणा से 7 अपराधियों को गिरफ्तार किया गया. अब तक गिरफ्तार किए गए आरोपियों में से 6 यूपी के आगरा से हैं. सोचिए फायरिंग हुई मुंबई में और बदमाशों का कनेक्शन निकला 12 सौ 30 किलोमीटर दूर आगरा से. आगरा के 6 बदमाशों की गिरफ्तारी से ये सवाल उठ रहे हैं कि क्या अंडरवर्ल्ड का रास्ता..यूपी से होकर जाता है? इस सवाल के जवाब से पहले रोहित शेट्टी के घर फायरिंग करनेवाले उन शूटर्स के बारे में जानिए जिनका आगरा से कनेक्शन है.
24 साल का दीपक
23 साल का सन्नी
23 साल का सोनू
22 साल का रितिक
26 साल का विष्णु
24 साल का जतिन
सभी आरोपियों की उम्र 22 साल से 26 सालके बीच
गिरफ्तार किए गए सभी आरोपियों की उम्र देखी आपने. 22 से 26 साल के बीच के नौजवान हैं. अब जो हम आपको बताने जा रहे हैं उसे और ध्यान से सुनिएगा, ये सभी आगरा के बाह थाने के बिजौली गांव के रहनेवाले हैं और सुनिए सभी आपस में दोस्त है. इनके घर भी आसपास ही हैं. एक अन्य आरोपी विशाल उत्तर प्रदेश के इटावा का रहनेवाला है. इसलिए बार-बार ये सवाल उठ रहा है कि क्या उत्तर प्रदेश लॉरेंस गैंग के लिए रिक्रूटमेंट हब बन गया है. इस बड़े सवाल पर हम विस्तार से चर्चा करेंगे. लेकिन पहले आपको बताते हैं कि जो 6 बदमाश पकड़े हैं वो लॉरेंस गैंग में कैसे शामिल हुए
कारोबारी पर अटैक करने वाला प्रदीप शर्मा गिरफ्तार
9 जून 2025 को पुलिस ने प्रदीप शर्मा उर्फ गोलू पंडित को आगरा से गिरफ्तार किया था. प्रदीप ने राजस्थान के श्रीगंगानगर में कारोबारी पर जानलेवा हमला किया था. ये अटैक लॉरेंस गैंग ने कराया था. अब जांच में ये तथ्य सामने आया है कि रोहित शेट्टी के घर फायरिंग के केस में गिरफ्तार आरोपी विष्णु शूटर प्रदीप के संपर्क में था. प्रदीप ने विष्णु को नए लड़कों को रिक्रूट करने का ऑर्डर दिया था. उसके बाद विष्णु ने अपने दोस्तों को गैंग में शामिल कराया. गिरफ्तार आरोपियों में दीपक मेन शूटर था. उसी ने रोहित शेट्टी के घर पर गोली चलाई थी. सन्नी और सोनू ने रेकी की थी. रितिक ने फायरिंग के बाद आरोपियों को छिपने में मदद की थी. यानी आगरा में लॉरेंस का रिक्रूटमेंट सेंटर पहले से एक्टिव था. इन्हीं एजेंट्स के जरिए लॉरेंस गैंग ने नए शूटर्स को रिक्रूट किया.
गैंग के 15 से 17 बदमाश गिरफ्तार
पुलिस के मुताबिक आगरा में अब तक लॉरेंस गैंग से जुड़े 15 से 17 बदमाशों को गिरफ्तार किया गया है. सोचिए आगरा शहर में लॉरेंस गैंग का नेटवर्क कितना मजबूत है. नेटवर्क में शामिल पुराने एजेंट्स नौजवानों को पैसों का लालच देते हैं और पिस्तौल थमा देते हैं. मित्रों सिर्फ आगरा ही नहीं उत्तर प्रदेश के 26 युवकों पर पुलिस की नज़र है. शक है कि ये लॉरेंस गैंग से जुड़े हैं. सवाल ये है कि लॉरेंस तो जेल में बंद है. उसकी क्राइम कंपनी का हेडक्वार्टर पंजाब में रहा है. फिर वो उत्तर प्रदेश में अपना रिक्रूटमेंट सेंटर कैसे चला रहा है. इसका जवाब है सोशल मीडिया.
लॉरेंस गैंग सोशल मीडिया के जरिए ऐसे युवाओं को गैंग में भर्ती कर रहा है जिनका पुराना आपराधिक रिकॉर्ड नहीं हो.
सोशल मीडिया पर लॉरेंस गैंग से जुड़े कई पेज, ग्रुप और प्रोफाइल बने हुए हैं
जो युवक पोस्ट को लाइक या कमेंट करते हैं उन्हें शॉर्टलिस्ट किया जाता है
सिग्नल जैसे ऐप के जरिए शॉर्टलिस्ट किए गए युवाओं से संपर्क किया जाता है. उनका इंटरव्यू होता है
बातचीत और डिटेल चेक करने के बाद उन्हें गैंग में शामिल किया जाता है
1990 के दशक में दाऊद भी इसी मॉडल पर काम करता था
ये पूरा प्रोसेस किसी संगठित कंपनी की तरह है. ठीक यही प्रोसेस 1990 के दशक में गैंगस्टर दाऊद इब्राहिम अपनाता था. दाउद अपने गैंग को डी कंपनी कहता था. कुछ उसी तर्ज पर लॉरेस भी क्राइम की कंपनी चला रहा है. मित्रो जैसे दाउद के गैंग में उत्तर प्रदेश के गैंगस्टर शामिल थे. जैसे दाऊद गैंग यूपी के शूटर्स से मुंबई में मर्डर करवाता था. वैसे ही अब लॉरेंस गैंग भी अपनी क्राइम कंपनी के लिए यूपी में शूटर सप्लाई चेन बना रहा है. दाऊद के गैंग में आजमगढ़ का अबू सलेम शामिल था. सलेम आजमगढ़ से शूटर भर्ती करता था. लॉरेंस गैंग में यही काम बहराइच का शिवकुमार गौतम करता था. दाऊद गैंग में शामिल पूर्वांचल का सुभाष ठाकुर कई हत्याओं का आरोपी था. लॉरेंस गैंग ने बाबा सिद्दीकी की हत्या कराने के लिए बहराइच से ही धर्मराज राजेश कश्यप को हायर किया था.
लॉरेंस ने युवाओं में बनाई है पैठ
बलरामपुर का मोहम्मद अशरफ दाऊद की डी कंपनी के लिए नकली पासपोर्ट अरेंज करता था और गैंग की फेक करंसी को मार्केट में डंप करता था. लॉरेंस के क्राइम सिंडिकेट के लिए आगरा का प्रदीप शर्मा वसूली का काम करता था. लखनऊ का तारिक परवीन..दाऊद गैंग को हथियार सप्लाई करता था और हापुड़ का जीतू लॉरेंस गैंग के लिए वसूली का काम करता था. लॉरेंस गैंग के पास उत्तर प्रदेश से अबू सलेम और सुभाष ठाकुर जैसे कुख्यात गैंगस्टर नहीं हैं. इसलिए जमीन पर इस गैंग की मौजूदगी नहीं दिखती. लेकिन लॉरेंस गैंग ने ऑनलाइन भर्ती सेंटर खोलकर यूपी के युवाओं में पैठ बनाई है. इस तरह दाऊद की तरह लॉरेंस के लिए भी यूपी अपराधियों की सप्लाई का सेंटर बन गया है. मित्रो यूपी को लेकर दाऊद और लॉरेंस के लिए बीच एक और दिलचस्प समानता है
लॉरेंस शूटर्स को पैसों के साथ विदेश में सेटल करने का झांसा देता है
दाऊद गैंग मुख्य तौर पर पूर्वांचल से बदमाशों की भर्ती करता था. आजमगढ़, गाजीपुर और मऊ..पूर्वांचल में दाऊद गिरोह के लिए गैंगस्टर भर्ती का बड़ा सेंटर थे. लॉरेंस गैंग भी पूर्वांचल में गोरखपुर, महाराजगंज, बहराइच, गोंडा से शूटर्स को रिक्रूट करता है. पश्चिम उत्तर प्रदेश में मेरठ, मुजफ्फरनगर और बागपत से दाऊद गैंग..गैंगस्टर्स को रिक्रूट करता था. लॉरेंस गैंग आगरा, मेरठ और मुजफ्फरनगर से अपने लिए शूटर भर्ती करता है. दाऊद गिरोह युवाओं को पैसे और ग्लैमर का झांसा देकर अपराध के दलदल में फंसाता था. लॉरेंस गैंग पैसों के साथ ही विदेश में सेटल कराने का झांसा भी देता है. यानी लॉरेंस भी यूपी के उन्हीं इलाकों में अपने लिए शूटर भर्ती कर रहा है जहां से दाऊद शूटर भर्ती करता था. फर्क सिर्फ इतना है कि लॉरेंस ने बदमाशों को भर्ती करने के लिए ऑनलाइन रिक्रूटमेंट सेंटर खोला है. मित्रो आपको लॉरेंस और दाऊद इब्राहिम की एक और समानता बताते हैं.
लॉरेंस भी दाऊद की तरह विदेशों में बैठकर ऑपरेट करता है गैंग
जैसे दाऊद मुंबई से दूर विदेश में बैठकर अपना गैंग चलाता था वैसे ही आरोप है कि लॉरेंस मुंबई से दूर जेल से गैंग ऑपरेट करता है. जैसे दाऊद दहशत फैलाने के लिए फायरिंग और मर्डर कराता था. वैसे ही लॉरेंस भी डराने के लिए फायरिंग और मर्डर कराता है. दाऊद बिल्डर्स और फिल्म प्रोड्यूसर्स से मोटी वसूली करता था. लॉरेंस सट्टेबाजों, बॉलीवुड स्टार्स और शराब कारोबियों को वसूली के लिए धमकाता है. शूटर्स भर्ती करने से लेकर वसूली और अपराध के दूसरे तौर-तरीके में लॉरेंस दाऊद के पैटर्न पर ही चल रहा है. लेकिन दाऊद और लॉरेंस में एक फर्क ये है कि दाऊद का गैंग मुंबई केंद्रित था. वहीं लॉरेंस गैंग का नेटवर्क देश के कई राज्यों में फैला है.
यूपी से शूटरों की ऑनलाइन भर्ती
लॉरेंस गैंग के पास उत्तर प्रदेश से अबू सलेम और सुभाष ठाकुर जैसे कुख्यात गैंगस्टर नहीं हैं. इसलिए जमीन पर इस गैंग की मौजूदगी नहीं दिखती. लेकिन लॉरेंस गैंग ने ऑनलाइन भर्ती सेंटर खोलकर यूपी के युवाओं में पैठ बनाई है. इस तरह दाऊद की तरह लॉरेंस के लिए भी यूपी अपराधियों की सप्लाई का सेंटर बन गया है. यूपी को लेकर दाऊद और लॉरेंस के लिए बीच एक और दिलचस्प समानता है. दाऊद गैंग मुख्य तौर पर पूर्वांचल से बदमाशों की भर्ती करता था. आजमगढ़, गाजीपुर और मऊ..पूर्वांचल में दाऊद गिरोह के लिए गैंगस्टर भर्ती का बड़ा सेंटर थे. लॉरेंस गैंग भी पूर्वांचल में गोरखपुर, महाराजगंज, बहराइच, गोंडा से शूटर्स को रिक्रूट करता है
पश्चिमी उत्तर प्रदेश में शूटर रिक्रूट करता है लॉरेंस
पश्चिम उत्तर प्रदेश में मेरठ, मुजफ्फरनगर और बागपत से दाऊद गैंग..गैंगस्टर्स को रिक्रूट करता था. लॉरेंस गैंग आगरा, मेरठ और मुजफ्फरनगर से अपने लिए शूटर भर्ती करता है. दाऊद गिरोह युवाओं को पैसे और ग्लैमर का झांसा देकर अपराध के दलदल में फंसाता था. लॉरेंस गैंग पैसों के साथ ही विदेश में सेटल कराने का झांसा भी देता है. यानी लॉरेंस भी यूपी के उन्हीं इलाकों में अपने लिए शूटर भर्ती कर रहा है जहां से दाऊद शूटर भर्ती करता था. फर्क सिर्फ इतना है कि लॉरेंस ने बदमाशों को भर्ती करने के लिए ऑनलाइन रिक्रूटमेंट सेंटर खोला है. मित्रो आपको लॉरेंस और दाऊद इब्राहिम की एक और समानता बताते हैं
दाऊद के मॉडल पर लॉरेंस चला रहा गैंग
जैसे दाऊद मुंबई से दूर विदेश में बैठकर अपना गैंग चलाता था वैसे ही आरोप है कि लॉरेंस मुंबई से दूर जेल से गैंग ऑपरेट करता है. जैसे दाऊद दहशत फैलाने के लिए फायरिंग और मर्डर कराता था. वैसे ही लॉरेंस भी डराने के लिए फायरिंग और मर्डर कराता है. दाऊद बिल्डर्स और फिल्म प्रोड्यूसर्स से मोटी वसूली करता था. लॉरेंस सट्टेबाजों, बॉलीवुड स्टार्स और शराब कारोबियों को वसूली के लिए धमकाता है. शूटर्स भर्ती करने से लेकर वसूली और अपराध के दूसरे तौर-तरीके में लॉरेंस दाऊद के पैटर्न पर ही चल रहा है. लेकिन दाऊद और लॉरेंस में एक फर्क ये है कि दाऊद का गैंग मुंबई केंद्रित था. वहीं लॉरेंस गैंग का नेटवर्क देश के कई राज्यों में फैला है.
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