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Lok Sabha Election 2022: बिहार में नीतीश कुमार और बीजेपी के अलग होने के बाद से ही 2024 को लेकर कई तरह के कयास लगने शुरू हो गए हैं. तीसरा मोर्चा अपनी एकजुटता की ताकत दिखाने के दावे कर रहा है. लेकिन इन्हीं दावों में विपक्ष की एकजुटता बिखरती हुई भी नजर आती है. ताजा उदाहरण आप और जेडीयू का है, जहां आप का दावा है कि 2024 में बीजेपी की सीधी लड़ाई आप से है. जबकि बिहार में जेडीयू 8वीं बार सीएम पद की शपथ लेने वाले नीतीश कुमार को पीएम बनाने का सपना देख रही है. 

2024 के लिए पार्टियों ने शुरू की तैयारी

2024 के आम चुनाव में अब 2 साल से भी कम समय रह गया है, जिसके लिए अलग-अलग तरीकों से ही सही सभी पार्टियों की तैयारी भी शुरू हो गई हैं. लेकिन बात बार-बार इस मुद्दे पर आकर रुक जाती है कि आखिर बीजेपी के ट्रम्प कार्ड और देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का विकल्प क्या है? अब तक तो ममता बनर्जी और NCP प्रमुख शरद पवार का ही नाम चर्चा में था, लेकिन अब इस दावेदारी में दो नए नाम जुड़ गए हैं. बिहार के सीएम नीतीश कुमार और आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल का.

PM की रेस में नीतीश कुमार

बिहार में जब से नीतीश कुमार ने बीजेपी का साथ छोड़ा है, राजनीतिक गलियारों में इस कदम को मास्टरस्ट्रोक का ना दिया जा रहा है. जेडीयू के कई नेता नीतीश के इस कदम से इतना खुश हैं कि उन में सीएम नीतीश में अब पीएम नीतीश नजर आ रहा है.

विपक्ष की हरी झंडी की जरूरत

जेडीयू के अध्यक्ष ललन सिंह ने हालही में एक इंटरव्यू के दौरान कहा कि नीतीश कुमार विपक्ष की ओर से पीएम पद के लिए मुख्य दावेदार नहीं हैं लेकिन अगर बाकी दल चाहें तो नीतीश कुमार को विपक्ष की ओर से प्रधानमंत्री पद के लिए एक विकल्प के तौर पर चुना जा सकता है. यानी वो पीएम बनना चाहते हैं, लेकिन बाकी दल अगर उस नाम पर मुहर लगाते हैं. इसका साफ मतलब है कि नीतीश कुमार को पीएम पद की दावेदारी के लिए फिलहाल विपक्ष की हरी झंडी की जरूरत होगी और इसके लिए नीतीश जल्दी ही दिल्ली भ्रमण पर भी निकलने वाले हैं.

दिल्ली का करेंगे दौरा

नीतीश कुमार का ध्यान 2024 के लोकसभा चुनावों के लिए विपक्षी दलों को एकजुट करने पर है और वो अगले हफ्ते बिहार विधानसभा में विश्वास मत के बाद बाकी दलों के नेताओं से मिलने के लिए राष्ट्रीय राजधानी का दौरा करेंगे. 

आम आदमी पार्टी भी कर रही तैयारी

लेकिन जिस दिल्ली के दौरे पर सीएम नीतीश कुमार जा रहे हैं उसी दिल्ली में 2024 के एक और दावेदार अपनी रणनीति तैयार करने में जुटे हुए हैं . वो है आम आदमी पार्टी और उसके संयोजक अरविंद केजरीवाल. दिल्ली में दोबारा और पंजाब में शानदार जीत हासिल करने के बाद आम आदमी पार्टी भी अर्जुन की ही तरह 2024 के आम चुनावों वाली मछली पर निशाना साधने की तैयारी कर रही है.

AAP खुद को बता रही 2024 का प्रबल दावेदर

शुक्रवार को मनीष सिसोदिया के घर CBI की रेड के बाद तो आम आदमी पार्टी की जुबान पर ये बात खुलकर सामने आ गई. यानी 2024 की दौड़ में अब आम आदमी पार्टी भी खुद प्रबल दावेदार बता रही है. इतनी प्रबल दावेदार कि बीजेपी के निशाने पर कोई और नहीं बल्कि अकेले आम आदमी पार्टी है.

विपक्ष फिर करेगा एकजुट होने की कोशिश

गौर करने वाली बात ये है कि भ्रष्टाचार के आरोपों से घिरी कई पार्टियों ने ऐसे ही दावों का इस्तेमाल किया है. ममता बनर्जी और शरद पवार इसका बड़ा उदाहरण हैं.  2024 में मोदी मैजिक को तोड़ने के लिए महागठबंधन एक बार फिर एकजुट होने की कोशिश करेगा. लेकिन 2019 की ही तरह जैसे ही 2024 में प्रधानमंत्री पद के लिए दावेदारी की बात आते ही विपक्ष के पास कोई विकल्प ही नहीं होता.

विक्टिम कार्ड खेलने वाला तीसरा मोर्चा कभी ये साफ नहीं कर सका है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ वो कौन सा चेहरा उतारेगा. लेकिन इन्हीं पार्टियों के सुप्रीमो खुद को राजनीतिक गलियारों की सबसे बड़ी कुर्सी का दावेदार बताने का कोई मौका नहीं छोड़ते. ऐसे में तीसरा मोर्चा 2024 तक कितना इकट्ठा रह पाता है बड़ा सवाल है.

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