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Unnao Rape Case: सुप्रीम कोर्ट ने उन्नाव रेप मामले में पूर्व भाजपा विधायक कुलदीप सिंह सेंगर को बड़ी राहत देने वाले दिल्ली हाई कोर्ट के आदेश पर रोक लगा दी है. शीर्ष अदालत ने इस मामले को डरावना करार देते हुए स्पष्ट किया कि यह सामान्य जमानत मामलों से अलग है. सीबीआई की याचिका पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट की 3 जजों की अवकाशकालीन पीठ ने हाई कोर्ट द्वारा दी गई जमानत को फिलहाल निलंबित कर दिया. आइए 5 अहम बिंदुओं में समझते हैं कि सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा:

1. SC ने जमानत पर रोक लगाने की जताई इच्छा

सुप्रीम कोर्ट ने साफ कहा कि वह दिल्ली हाई कोर्ट के आदेश पर रोक लगाने के इच्छुक है. अदालत ने माना कि आमतौर पर वह जमानत रद्द करने से बचती है, लेकिन इस मामले की परिस्थितियां असाधारण हैं. कोर्ट के मुताबिक, अपराध की गंभीरता और मामले के तथ्य इसे अलग श्रेणी में रखते हैं.

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2. सुप्रीम कोर्ट ने मामले को ‘डरावना’ और बेहद गंभीर बताया

सुप्रीम कोर्ट की पीठ ने टिप्पणी करते हुए कहा कि यह एक डरावना मामला है. कोर्ट ने इस बात पर जोर दिया कि नाबालिग पीड़िता से जुड़े गंभीर अपराधों में न्यायिक दृष्टिकोण अत्यंत सतर्क और संवेदनशील होने चाहिए.

3. SC ने दिल्ली हाई कोर्ट द्वारा अहम तथ्यों की अनदेखी पर उठाया सवाल

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि दिल्ली हाई कोर्ट ने यह महत्वपूर्ण तथ्य नजरअंदाज कर दिया कि कुलदीप सिंह सेंगर को POCSO एक्ट के साथ-साथ IPC की धारा 376(2)(i) के तहत भी दोषी ठहराया गया था. अदालत ने कहा कि हाई कोर्ट के आदेश में इस गंभीर दोषसिद्धि का स्पष्ट उल्लेख नहीं किया गया, जो एक बड़ी चूक है.

4. एसी ने पीड़िता की उम्र को बताया निर्णायक पहलू

कोर्ट के समक्ष सीबीआई ने बताया कि घटना के समय पीड़िता की उम्र 15 साल 10 महीने थी. सुप्रीम कोर्ट ने माना कि जब पीड़िता नाबालिग हो तो अपराध की प्रकृति और भी गंभीर हो जाती है और इस तथ्य को जमानत पर विचार करते समय नजरअंदाज नहीं किया जा सकता.

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5. सुप्रीम कोर्ट ने सेंगर के अन्य मामले में भी जेल में बंद होने का किया उल्लेख

सुप्रीम कोर्ट ने यह भी कहा कि यह तथ्य महत्वपूर्ण है कि कुलदीप सिंह सेंगर अन्य मामले में भी फिलहाल जेल में बंद है. अदालत ने संकेत दिया कि इस पहलू को देखते हुए हाई कोर्ट का जमानत देने का फैसला सवालों के घेरे में आता है. इन सभी बिंदुओं पर विचार करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली हाई कोर्ट के 23 दिसंबर के उस आदेश पर रोक लगा दी जिसमें सेंगर की उम्रकैद की सजा को निलंबित कर जमानत दी गई थी.