
अपने देश में अक्सर महाराष्ट्र में हिंदी vs मराठी का विवाद देखने को मिलता है. मराठी भाषी कहते हैं कि मुंबई में रहना है तो मराठी में बोलना होगा. हिंदीभाषी अड़ जाते हैं या कहते हैं कि उन्हें मराठी नहीं आती है. कई वीडियो भी हाल में वायरल हुए थे. अब नए साल के मौके पर एक कार्यक्रम में संघ प्रमुख मोहन भागवत ने भाषायी विवाद पर बड़ी बात कही है. उन्होंने कहा कि अगर आप दूसरे राज्य में हैं तो आपको उस राज्य की भाषा सीखनी चाहिए.
संघ प्रमुख मोहन भागवत ने कहा है कि हम भारत के लोग हैं. हम यूरोप, अमेरिका के नहीं है, अरब- मिडिल ईस्ट के नहीं हैं. चीन-जापान के नहीं है, ऑस्ट्रेलिया के नहीं हैं. हम भारत के लोग हैं तो हमें कम से कम अपनी चौखट के अंदर भाषा अपनी बोलनी चाहिए. मेरी मातृभाषा में मैं बोलूंगा. अपने देश में अनेक भाषाएं हैं. सबको समझ में आए, ऐसी एक भाषा चाहिए वो भी मैं सीख लूंगा. आगे भागवत ने कहा कि जिस प्रांत में मैं रहता हूं, अगर वो दूसरा प्रांत है तो वहां के लोगों की भाषा भी मैं सीखूंगा क्योंकि सारी भारत की भाषाएं अपनी राष्ट्र भाषाएं हैं. उनके शब्द अलग-अलग हैं लेकिन भाव एक है. स्व-भाषा का आग्रह रखना और अपना वेश पहनना. पूजा है तो धोती बांधना आना चाहिए. त्योहार पर अपने पारंपरिक कपड़े पहनना चाहिए.
#WATCH | Raipur, Chhattisgarh | RSS Chief Mohan Bhagwat says, “… Atleast inside our houses, we should speak in our mother tongue… If you live in another state or region, you should learn the language of that state or region because all languages are India’s national… pic.twitter.com/tBgDsmbUn8
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— ANI (@ANI) January 1, 2026
संघ प्रमुख रायपुर में हिंदू सम्मेलन कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे.
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