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Rahul gandhi: कांग्रेस नेता नाना पाटोले द्वारा राहुल गांधी की तुलना भगवान राम से किए जाने की टिप्पणी को लेकर सियासी विवाद तेज हो गया है. केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने कांग्रेस पर तीखा हमला करते हुए कहा कि यही पार्टी सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा दाखिल कर भगवान राम को काल्पनिक व्यक्तित्व बता चुकी है. पत्रकारों से बातचीत में शेखावत ने कहा कि लोकतांत्रिक भारत में किसी को भी किसी से तुलना करने की स्वतंत्रता है, लेकिन देश की जनता सब देख और समझ रही है. उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी की अब लगभग कोई पहचान नहीं बची है. यही लोग हैं जिन्होंने सर्वोच्च न्यायालय में हलफनामा दायर कर कहा था कि भगवान राम एक काल्पनिक चरित्र थे.

इस मुद्दे पर केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने भी कांग्रेस और पाटोले की टिप्पणी को खारिज करते हुए कहा कि भारतीय जनता पार्टी (BJP) के पास ऐसे बयानों पर प्रतिक्रिया देने का समय नहीं है. गोयल ने कहा कि हम जनसेवा और शासन पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में और महाराष्ट्र में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के नेतृत्व में रामराज्य की स्थापना के लिए काम कर रहे हैं. गोयल ने आगे कहा कि विपक्ष लगातार कमजोर हो रहा है और जनता के जनादेश से कटा हुआ है. उन्होंने विधानसभा और नगर निगम चुनावों में कांग्रेस, शिवसेना (यूबीटी) और एनसीपी (एससीपी) के प्रदर्शन का जिक्र करते हुए कहा कि भाजपा का लक्ष्य तीन इंजन सरकार के जरिए विकास और जनकल्याण करना है.

इससे पहले कांग्रेस नेता नाना पाटोले ने अपनी टिप्पणी पर हो रही आलोचना को खारिज करते हुए कहा था कि उनके बयान को बिना समझे प्रतिक्रिया देने वालों ने मानसिक संतुलन खो दिया है. उन्होंने कहा कि उनके शब्दों को सही संदर्भ में समझने की जरूरत है. बता दें, विवाद की शुरुआत उस वक्त हुई जब राहुल गांधी के राम मंदिर न जाने से जुड़े सवाल पर पाटोले ने कहा कि कांग्रेस भगवान राम के कार्यों को आगे बढ़ा रही है. उन्होंने कहा कि भगवान राम ने शोषितों, पीड़ितों और वंचितों के लिए काम किया था. राहुल गांधी भी पूरे देश में वही कार्य कर रहे हैं और जनता को न्याय दिलाने की लड़ाई लड़ रहे हैं.

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पाटोले पहले भी दे चुके है विवादित बयान

बता दें, राम जन्मभूमि मुद्दे का उल्लेख करते हुए पाटोले ने कहा कि जब रामलला के दर्शन पर प्रतिबंध था तब तत्कालीन प्रधानमंत्री राजीव गांधी ने मंदिर के द्वार खोलने का आदेश दिया था. उन्होंने यह भी कहा कि राहुल गांधी जब अयोध्या जाएंगे, तो वहां प्रार्थना करेंगे. जानकारी के लिए बता दें कि यह पहली बार नहीं है जब पाटोले की ऐसी टिप्पणियों को लेकर विवाद हुआ हो. अक्टूबर 2022 में भारत जोड़ो यात्रा के दौरान भी उन्होंने भगवान राम और राहुल गांधी के नाम ‘आर’ अक्षर से शुरू होने को एक संयोग बताया था. उस बयान पर भी भाजपा नेताओं ने कड़ी आपत्ति जताई थी और इसे हिंदू भावनाओं का अपमान करार दिया था.