
International Buddhist Exhibition in Delhi News: दुनिया भर में बौद्ध संस्कृति को मानने वाले भारत समेत करीब दो दर्जन देश हैं, जिनकी अगुवाई स्वाभाविक रूप से भारत करता है. हालांकि अपने छल-प्रपंचों के जरिए चीन कई बार इस गद्दी को हथियाने की कोशिश करता है लेकिन आज तक सफल नहीं हो पाया है. अब मोदी सरकार के नेतृत्व में भारत अपनी इस प्राचीन सांस्कृतिक विरासत का वैभव दोबारा से वापस पाने की कोशिश कर रहा है. पीएम मोदी ने इस संबंध में अपने एक्स हैंडल से बड़ी घोषणा की है. जिसे जानकर आप गर्व कर उठेंगे.
बौद्ध परंपरा पर दिल्ली में अंतरराष्ट्रीय प्रदर्शनी
पीएम मोदी ने ट्वीट कर लिखा, ‘कल यानी 3 जनवरी को इतिहास, संस्कृति और भगवान बुद्ध के आदर्शों के प्रति प्रेम रखने वालों के लिए एक विशेष दिन है. संस्कृति मंत्रालय की ओर से दिल्ली के राय पिथोरा सांस्कृतिक परिसर में सुबह 11 बजे भगवान बुद्ध से संबंधित पवित्र पिप्रहवा अवशेषों की भव्य अंतर्राष्ट्रीय प्रदर्शनी, ‘प्रकाश और कमल: जागृत व्यक्ति के अवशेष’ का उद्घाटन किया जाएगा.’
अपनी पोस्ट में प्रधानमंत्री ने आगे बताया, ‘इस प्रदर्शनी में कई चीजों को दिखाया जाएगा. इनमें एक सदी से अधिक समय बाद वापस लाए गए पिप्रहवा अवशेष होंगे. इसके साथ ही नई दिल्ली के राष्ट्रीय संग्रहालय और कोलकाता के भारतीय संग्रहालय के संग्रह में संरक्षित पिप्रहवा के प्रामाणिक अवशेष भी इस प्रदर्शनी में दिखाए जाएंगे.’
देख सकेंगे गौतम बुद्ध से जुड़ी चीजें
बताते चलें कि पिप्रहवा अवशेष 1898 में उत्तर प्रदेश के सिद्धार्थनगर जिले (प्राचीन कपिलवस्तु) में खुदाई के दौरान प्राप्त हुए थे. यह खुदाई ब्रिटिश इंजीनियर विलियम क्लैक्सटन पेप्पे के नेतृत्व में कराई गी थी. ये अवशेष शाक्य वंश द्वारा स्थापित माने जाते हैं. इनमें भगवान बुद्ध के शारीरिक अवशेष (अस्थि-चिह्न), क्रिस्टल कैस्केट, सोने-मणि के आभूषण और अन्य पुरातात्विक सामग्री शामिल हैं. ये प्रारंभिक बौद्ध इतिहास के सबसे महत्वपूर्ण और प्राचीन अवशेषों में से हैं. जो बुद्ध की जीवन-लीला और उनके उपदेशों से सीधे जुड़े हैं.
Tomorrow, 3rd January, is a very special day for those passionate about history, culture and the ideals of Bhagwan Buddha.
At 11 AM, the Grand International Exposition of Sacred Piprahwa Relics related to Bhagwan Buddha, ‘The Light & the Lotus: Relics of the Awakened One’, will… pic.twitter.com/V6bPwZjsK7
— Narendra Modi (@narendramodi) January 2, 2026
हांगकांग से वापस लाए गए थे अवशेष
एक सदी से अधिक समय बाद इन अवशेषों का कुछ हिस्सा पिछले साल 2025 में सफलतापूर्वक वापस लाया गया. हांगकांग में नीलामी के लिए रखे गए इन पवित्र वस्तुओं को भारत सरकार ने निर्णायक हस्तक्षेप, कूटनीतिक प्रयासों और गोडरेज इंडस्ट्रीज ग्रुप जैसे निजी भागीदारों के सहयोग से वापस हासिल किया. इसे भारत की प्राचीन संस्कृति को सहेजने की दिशा में बेहद खास कदम माना जा रहा है.
