
Crime News: अहमदाबाद क्राइम ब्रांच को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है. क्राइम ब्रांच ने ऑनलाइन एस्कॉर्ट सर्विस रैकेट का भंडाफोड़ किया है. इस पूरे प्रकरण में कथित तौर पर शामिल लगभग 120 इंस्टाग्राम हैंडल, फेसबुक पेज और वेबसाइटों के खिलाफ मामला दर्ज किया है. अधिकारियों का कहना है कि इन सभी सोशल मीडिया प्रोफाइलों का इस्तेमाल महिलाओं के अश्लील वीडियो और न्यूड फोटो का इस्तेमाल किया जा रहा था और इससे ग्राहकों को लुभाया जा रहा था.
मामला की जांच कर रहे अधिकारियों ने पाया है कि इन सोशल मीडिया के ऑपरेटर प्रति घंटा या पूरी रात के हिसाब से दरें बताते थे. वहीं, यूपीआई आईडी और मोबाइल नंबरों के माध्यम से पैसे वसूलते थे. इसके बाद पीड़ितों को कथित तौर पर धोखा दिया जाता था. जांच के दौरान पुलिस ने पाया कि इनमें से अधिकांश खाते फर्जी थे और कथित तौर पर अश्लील सामग्री बनाने के लिए एआई का इस्तेमाल किया जा रहा था.
मामले की जांच में जुटी पुलिस
मामले की जांच कर रहे एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि कुछ प्रोफाइल ग्राहकों को आकर्षित करने के लिए एआई द्वारा बनाई गई महिलाओं की नग्न तस्वीरों या हेरफेर की गई तस्वीरों का इस्तेमाल कर रहे थे. इन प्रोफाइल्स पर संपर्क करने पर लोगों को अल्पकालिक या रात में ठहरने के लिए एक निश्चित दरों पर एस्कॉर्ट सेवाएं प्रदान की जाती थी. वहीं, इसके लिए पहले ही भुगतान करा लिया था और बाद में ये धोखाधड़ी साबित होते थे.
कई धाराओं में केस दर्ज
पुलिस अधिकारियों ने भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की संबंधित धाराओं, अनैतिक व्यापार (रोकथाम) अधिनियम की धारा 8 और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 67 के तहत सभी 120 प्रोफाइलों से जुड़े प्रशासकों और मोबाइल नंबर धारकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है. मामले की जांच कर रहे अधिकारियों का कहना है कि इन गतिविधियों ने न केवल कानून का उल्लंघन किया बल्कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर महिलाओं को अपमानजनक तरीके से चित्रित करने के साथ उनकी गरिमा को ठेस पहुंचाई.
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नागरिकों को दी गई ये सलाह
गौरतलब है कि अपराध शाखा की ओर से नागरिकों अपील की गई है के वे अज्ञात ऑनलाइन प्रोफाइल पर क्लिक करते समय सतर्क रहें. अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि एस्कॉर्ट सेवाओं के नाम पर अपुष्ट यूपीआई आईडी पर पैसे ट्रांसफर करने से अक्सर वित्तीय धोखाधड़ी होती है. पुलिस ने बताया कि उपर्युक्त मामले में जांच जारी है और इस रैकट को चलाने वालों के साथ इससे लाभान्वित होने वालों की पहचान करने की कोशिश की जा रही है.
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