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Himanta Biswa Sarma: असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने एक बार फिर कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई पर निशाना साधते हुए कहा है कि गोगोई के कथित पाकिस्तानी संबंधों की जांच सभी साक्ष्यों के साथ केंद्र सरकार को सौंप दी गई है. मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि अब इस मामले की आगे की जांच केंद्र स्तर पर की जाएगी.

 केंद्र सरकार करेगी मामले की जांच: सीएम सरमा

मुख्यमंत्री सरमा ने कहा कि हमने इस मामले को सबूतों के साथ केंद्र सरकार को सौंप दिया है और केंद्र सरकार इस मामले की जांच करेगी. इससे पहले राज्य सरकार ने इस प्रकरण की जांच के लिए विशेष जांच दल (SIT) गठित किया था. मुख्यमंत्री ने बताया कि अब एसआईटी की जांच एक केंद्रीय एजेंसी को स्थानांतरित की गई है ताकि मामले की व्यापक और निष्पक्ष जांच सुनिश्चित की जा सके.

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बता दें कि ये बयान असम की राजनीति में जारी तीखे आरोप-प्रत्यारोप के बीच आया है. मुख्यमंत्री सरमा पिछले कुछ समय से गौरव गोगोई और उनकी पत्नी पर पाकिस्तान से संबंध होने का आरोप लगाते रहे हैं. मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट में दावा किया कि ये कार्रवाई भारत को अस्थिर करने के उद्देश्य से पाकिस्तान से जुड़े एक व्यापक नेटवर्क को उजागर करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है. उन्होंने आरोप लगाया कि पाकिस्तानी नागरिक अली तौकीर शेख ने कथित तौर पर एक एजेंट के माध्यम से भारत के विकास का अध्ययन कर उसे बाधित करने की साजिश रची थी. सरमा के अनुसार, इस नेटवर्क में पर्यावरण सक्रियता जैसे मुद्दों का इस्तेमाल कर देश के विकास कार्यों को प्रभावित करने की कोशिश की गई थी.

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गोगोई ने की थी पाकिस्तान की गुप्त की यात्रा: सीएम सरमा

मुख्यमंत्री ने यह भी दावा किया कि पूर्व सीएम तरुण गोगोई के पुत्र गौरव गोगोई ने इस नेटवर्क में प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से भूमिका निभाई थी. सरमा के अनुसार, गोगोई ने संवेदनशील संसदीय जानकारी जुटाने, पाकिस्तान की गुप्त यात्राएं करने और कई कार्यक्रमों के बहाने पाकिस्तानी अधिकारियों के साथ संपर्क बनाए रखने जैसे कदम उठाए थे. उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि संदिग्ध रोजगार अनुबंधों, वित्तीय लेन-देन और यात्रा गतिविधियों के माध्यम से एक व्यापक भारत-विरोधी नेटवर्क संचालित किया गया.

मुख्यमंत्री के इन आरोपों ने असम की राजनीति में हलचल मचा दी है. हालांकि, गौरव गोगोई या कांग्रेस पार्टी की ओर से इन आरोपों पर विस्तृत प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है. केंद्र को जांच सौंपे जाने के बाद यह मामला और गंभीर रूप ले सकता है. अब सभी की नजर इस बात पर है कि केंद्रीय एजेंसी जांच में क्या निष्कर्ष सामने आते हैं.