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India France Relations: ट्रंप के पुराने पार्टनर उन्हें छोड़कर जा रहे हैं, लेकिन भारत अपने सहयोगी देशों के साथ संबंध और मजबूत कर रहा है. दुनिया के विकसित देशों के साथ सहयोग की दिशा में आज एक और मील का पत्थर स्थापित किया गया है. ये मील का पत्थर है फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों का भारत दौरा है. ये मैक्रों का चौथा भारतीय दौरा है. इस दौरे पर भारत और फ्रांस ने साथ-साथ आगे बढ़ने के लिए PPP मॉडल पर सहमति जताई है. इस PPP मॉडल की जानकारी हम आपको देंगे लेकिन उससे पहले आपको भारत और फ्रांस के बीच सामरिक सहयोग से जुड़ा शुभ-समाचार चाहिए.. 

114 रफाल खरीदने का प्रस्ताव
राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के इस यात्रा के दौरान भारत ने फ्रांस को वायुसेना के लिए 114 रफाल खरीदने का प्रस्ताव सौंप दिया है. इसके साथ ही साथ रफाल के नौसैनिक वर्जन यानी रफाल-M की डिलीवरी को लेकर भी बातचीत हो गई है. यहां आपको जानना चाहिए कि रफाल-M की डील पिछले साल अप्रैल के महीने में हुई थी. नौसेना के लिए स्कॉर्पीन क्लास की 3 पनडुब्बियों की डील पर भी बातचीत पूरी हो गई है. मैक्रों की इस यात्रा में दो ऐसी डील भी हुई हैं जिनपर भारत के प्रतिद्वंदियों की नजर बनी हुई है. भारत और फ्रांस ने हैमर बम और H-125 हेलीकॉप्टर के साझा निर्माण पर सहमति जता दी है.

हैमर बम की ताकत 
अब हम आपके सामने इन्हीं दो खास डील्स का विश्लेषण करने जा रहे हैं. सबसे पहले बात करते हैं उस हैमर बम की जिसकी ताकत को पाकिस्तान और उसके फील्ड मार्शल आसिम मुनीर ने बहुत करीब से देखा है. ऑपरेशन सिंदूर के दौरान जैश-ए-मोहम्मद के आतंकी ठिकानों को इसी बम से तबाह किया गया था. बहावलपुर में मसूद के हेडक्वार्टर से लेकर PoK के कोटली और सवाई नाला में जैश के आतंकी कैंप्स भी इसी बम की चोट से बर्बाद हुए थे. अब हम आपको बताने जा रहे हैं आखिर क्यों भारत ने दोबारा हैमर पर अपना भरोसा जताया है.

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हैमर बम की खासियत
हैमर बम की सबसे बड़ी खासियत ये है कि इसे 70 किलोमीटर की दूरी से भी दागा जा सकता है. यानी इसे दागने के लिए  लड़ाकू विमान को दुश्मन के हवाई  क्षेत्र में नहीं घुसना पड़ता. हैमर में तीन किस्म के पे-लोड होते हैं यानी इसमें 250 किलोग्राम से लेकर 1 हजार किलोग्राम तक का विस्फोटक इस्तेमाल लोड किया जा सकता है. उड़ान के दौरान इस बम को दिशा बताने के लिए लेजर का इस्तेमाल किया जाता है, जिसकी वजह से ये सीधा टारगेट के ऊपर जाकर ही गिरता है. इस बम को बंकर बस्टर की तरह भी इस्तेमाल किया जा सकता है यानी ये अंडरग्राउंड टारगेट को भी तबाह कर सकता है.

सबसे पहले कहां हुआ हैमर बम का इस्तेमाल?
इस बम को सबसे पहले 2003 के अफगानिस्तान युद्ध में इस्तेमाल किया गया था. तब नाटो की फौज कहती थी कि कहने को हैमर एक बम है लेकिन इसकी मारक क्षमता एक मिसाइल से भी ज्यादा है. हैमर के बाद अब हम आपको दूसरी दिलचस्प डील यानी H-125 हेलीकॉप्टर से जुड़ी जानकारी देने जा रहे हैं.

भारत और फ्रांस का साझा निर्माण
भारत और फ्रांस इस हेलीकॉप्टर का साझा निर्माण करेंगे. इस हेलीकॉप्टर के पहले कारखाने का आज उद्घाटन भी कर दिया गया है. सिंगल पायलट वाले इस हेलीकॉप्टर की टॉप स्पीड 287 किलोमीटर प्रति घंटा तक जाती है. H-125 नाम के ये हेलीकॉप्टर 23 हजार फीट की ऊंचाई तक उड़ान भर सकता है. इस क्षमता की वजह से H-125 को हिमालय का हेलीकॉप्टर भी कहा जाता है. यानी ये हिमायल जितनी ऊंचाई तक पहुंच सकता है. इस हेलीकॉप्टर की सबसे बड़ी खासियत ये है कि जरूरत पड़ने पर हथियारों लगाकर इसे एक मिलिट्री हेलीकॉप्टर की तरह भी इस्तेमाल किया जा सकता है. भारत और फ्रांस के बीच हुई इस सामरिक पार्टनरशिप ने सहयोग के नए दौर का आगाज किया है. इस साझेदारी के फ्यूचर फ्रेमवर्क यानी भविष्य को लेकर क्या सहमति बनी है. ये समझने के लिए आपको प्रधानमंत्री मोदी के भाषण का एक महत्वपूर्ण हिस्सा ध्यान से सुनना चाहिए.

PPP मॉडल पर सहयोग का फैसला
भारत और फ्रांस ने PPP मॉडल पर सहयोग का फैसला किया है. इस PPP का अर्थ है पीपल, प्लानेट और पार्टनरशिप. यानी नागरिकों के विकास से लेकर सुरक्षा और पर्यावरण से जुड़े मुद्दों पर भारत और फ्रांस एक साथ आगे बढ़ेंगे और सामरिक गठजोड़ के नए अध्याय लिखते जाएंगे.

कार डिप्लोमेसी
मैक्रों की भारत यात्रा के दौरान DIPLOMACY ON WHEELS यानी गाड़ी में संवाद की एक तस्वीर भी सामने आई. लोकभवन में साझा प्रेस कांफ्रेंस के बाद मैक्रों को इंडिया-फ्रांस इनोवेशन फोरम नाम के एक कार्यक्रम में जाना था. इस सफर के लिए मोदी ने मैक्रों को अपनी कार में बिठाया और उन्हें आयोजन स्थल तक ले गए. कूटनीति की दुनिया में कहा जाता है कि जब दो बड़े नेता एक साथ एक ही कार में बैठकर सफर करें तो इसका मतलब है कि ना सिर्फ वो दोनों नेता बल्कि उनके देश भी एक दूसरे के काफी करीब आ चुके हैं. इसे डिप्लोमेसी की दुनिया में कार डिप्लोमेसी के नाम से जाना जाता है.